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एचपीएससी फर्जीवाड़ा: विजिलेंस ने माना, चेयरमैन और सचिव शुरू से ही जांच में शामिल, दावा- केवल दो परीक्षाओं में ही कर पाए सेटिंग

Fri, 17 Dec 2021 12:05 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 17 Dec 2021 12:05 AM IST
सार

विजिलेंस का दावा है कि आरोपी केवल दो परीक्षाओं में ही सेटिंग कर पाए, अन्य भर्तियों में नहीं।

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Chairman and Secretary involved in the investigation of HPSC fraud from the beginning
HPSC - फोटो : Social Media

विस्तार

नौकरियों में फर्जीवाड़े मामले को लेकर विपक्षी दलों के लगातार आयोग के चेयरमैन और सचिवों को जांच में शामिल नहीं करने पर उठाए गए सवालों के बाद अब विजिलेंस ब्यूरो हरियाणा ने माना है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन आलोक वर्मा और सचिव भूपेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों को शुरू से ही नियमित आधार पर जांच से जोड़ा जा रहा है। 

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गुरुवार को राज्य सतर्कता ब्यूरो, हरियाणा के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने नहीं आया है कि आरोपी एचपीएससी द्वारा आयोजित एचसीएस प्रारंभिक और डेंटल सर्जन परीक्षाओं के अलावा किसी भी परीक्षा से समझौता करने में सफल रहे।
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प्रवक्ता ने बताया कि एचपीएससी अधिकारियों द्वारा ब्यूरो टीम को सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल मीडिया वाले डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर प्रदान किए गए हैं। एचपीएससी से प्राप्त ओएमआर शीट और डिजिटल मीडिया को फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेज दिया गया है।

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परीक्षार्थी भी हो रहे जांच में शामिल

साथ ही एचसीएस के साथ-साथ डेंटल सर्जन की परीक्षाओं में शामिल हुए संदिग्ध उम्मीदवारों को नोटिस भेजा गया है और उनमें से कुछ को जांच में शामिल किया गया है। अन्य संदिग्ध उम्मीदवार भी जांच में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं ताकि उनकी भूमिका का पता लगाया जा सके।

जसबीर के पास नहीं था स्कैनिंग का काम

प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि अनिल नागर ने एचसीएस प्रारंभिक और डेंटल सर्जन परीक्षाओं के लिए ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए अश्विनी (पारू डेटा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड) को काम पर रखा था। स्कैनिंग का काम जसबीर सिंह की मेसर्स सेफडॉट ईसोल्युशंस प्राइवेट लिमिटेड के पास नहीं था। अश्विनी ने बदले में नवीन से संपर्क किया जिसने उम्मीदवारों से संपर्क किया। 

स्टाफ नर्स, वीएलडीए और एएनएम का रास्ता साफ

विजिलेंस की क्लीन चिट मिलने के बाद अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की स्टाफ नर्स, वीएलडीए और एएनएम की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि आरोपियों ने माना था कि उन्होंने 10-10 लाख लेकर इन तीनों भर्तियों में परीक्षार्थी पास कराए थे। आयोग की जांच में भी संदिग्ध रोल नंबर फेल पाए गए थे। ऐसे में संभावना है कि इन तीनों भर्तियों का परिणाम भी जल्द जारी होगा। आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि इन भर्तियों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है, जल्द ही इनका परिणाम जारी किया जाएगा।

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