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गुड न्यूजः ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात, बाईपास को मंजूरी
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 03 Mar 2016 09:21 AM IST
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पिंजौर और कालका में अब जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। सूरजपुर से सुखोमाजरी तक बाईपास बनाने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत जीरकपुर-परमाणू और पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को जोड़ने का प्रस्ताव है।
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सूत्रों के मुताबिक इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे ऑफ इंडिया के बीच बैठक हो चुकी है। जल्द ही इस बाईपास का काम शुरू हो जाएगा। बाईपास निर्माण के अभाव में पिंजौर और कालका में रोजाना जाम लगता है। इतना ही नहीं यहां आए दिन होने वाले सड़क हादसों में कई जानें चली जाती हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सूरजपुर से सुखोमाजरी तक प्रस्तावित बाईपास के निर्माण के तहत जीरकपुर-परमाणू और पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को जोड़ने से कालका और पिंजौर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में ट्रैफिक करीब 25 फीसदी तक कम हो जाएगा।
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बाईपास के निर्माण से बरोटीवाला, बद्दी, नालागढ़ भूभाग को हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपने की एवज में हरियाणा सरकार ने जमीन की पचास फीसदी कीमत मांगी थी। जिसके लिए हाईवे अथॉरिटी तैयार नहीं थी। अब हरियाणा के मुख्यमंत्री की मीटिंग के बाद यह रास्ता साफ हो गया है।
यह है मामला
सूरजपुर से सुखोमाजरी तक सात किमी के भूभाग पर बाईपास बनाने के लिए एडवोकेट विजय बंसल ने केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और हरियाणा के सीएम को कानूनी नोटिस भेजा था।
जिसके जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि सूरजपुर-सुंखोमाजरी बाईपास के लिए राज्य सरकार नि:शुल्क जमीन उपलब्ध कराए तो बाईपास निर्माण संभव है।
बताया जाता है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के बीच एक बैठक हुई थी। जिसमें लैंड ट्रांसफर की स्थिति स्पष्ट हो गई है। यह जमीन जल्द ही ट्रांसफर कर दी जाएगी।
पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन के लिए 178. 77 करोड़ रुपये मंजूर हुए। लेकिन प्रस्तावित सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास निर्माण के लिए सात किमी की दूरी को शामिल नहीं किया गया। वजह रही कि 2007 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सात किमी ऐरिया की जमीन किसानों से अधिग्रहीत की है।
हुडा ने केंद्रीय मंत्रालय से अधिग्रहीत भूमि की 50 प्रतिशत कीमत मांगी थी। इस तरह सरकार की ओर से बाईपास के लिए 76.82 एकड़ जमीन की कीमत 48.6 करोड़ मांगी गई। पेशे से वकील विजय बंसल का कहना है कि मामले में 2 नवंबर 2013 को उन्होंने केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तथा हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री को ज्ञापन भेजा था।
बाद में आरटीआई के तहत प्राप्त सूचना में जानकारी मिली कि एनएचआई के पास इस बाईपास के निर्माण का कोई प्रस्ताव नहीं है। आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ कि प्रस्तावित सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास के निर्माण के लिए हुडा ने 26 जून 2009 को 3126.90 लाख रुपये की अनुदान राशि मंजूर की थी। एनएचआई की ओर से पिंजौर-नालागढ़ फोर लेन के नये प्रस्तावित बाईपास की वजह से सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास निर्माण का मामला लटक गया।
सूरजपुर से सुखोमाजरी बाईपास के लिए हुडा ने जमीन सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय को ऑफर कर दी है। यह बाईपास 7 किमी तक बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर जैसे ही मंत्रालय की ओर से निर्माण कार्य का प्रस्ताव विभाग के पास आएगा, प्रोजेक्ट पर सर्वे शुरू हो जाएगा।
-विकास, सुरजेवाला ईई पीडब्ल्यूडी एनएच