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Chandigarh News: एक्स कैडर पदों पर लगाए 31 आईपीएस अधिकारियों पर केंद्र सरकार से जवाब तलब
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-वित्त विभाग से स्वीकृति लिए बगैर मनमर्जी से नियुक्ति का हाईकोर्ट में दायर याचिका में है आरोप
-हरियाणा सरकार इस मामले में पहले ही सौंप चुकी है अपना जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नियमों के खिलाफ जाकर एक्स काडर पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 31 अधिकारियों को वित्त विभाग से स्वीकृति लिए बगैर ही मनमर्जी से नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले में गृह विभाग के विशेष सचिव मनी राम शर्मा अपना हलफनामा दाखिल कर चुके हैं।
इससे पहले याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी आरती ने आरोप लगाया कि भारतीय पुलिस सेवा (कैडर का निर्धारण) का उल्लंघन करते हुए आईपीएस अधिकारियों के लिए स्वीकृत 19 एक्स काडर पदों के विरुद्ध बहुत अधिक संख्या में आईपीएस अफसर एक्स काडर पदों पर काम कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य में 31 आईपीएस अधिकारी अवैध रूप से और नियमों का उल्लंघन कर हरियाणा पुलिस के सार्वजनिक कार्यालयों में तैनात हैं। हरियाणा पुलिस में कोई भी एक्स काडर पद सृजित करते समय वित्त विभाग की सहमति लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा। तीन मार्च, तीन अप्रैल और 17 अप्रैल को जारी आदेशों द्वारा 19 अतिरिक्त संवर्ग पदों के अतिरिक्त 31 अधिकारियों की और पदस्थापना की है, जो कि अवैध है। यह सीधे-सीधे भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग संख्या का निर्धारण) संशोधन विनियम का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता द्वारा हाईकोर्ट से इन पोस्टिंग आदेशों को रद करने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भी नियमों का उल्लंघन कर आईपीएस अधिकारियों के लिए सृजित किए जा रहे अतिरिक्त संवर्ग पूर्व पदों के संबंध में संज्ञान लिया है। 13 जनवरी को हरियाणा विधानसभा सचिवालय द्वारा भी इस बारे में लिखा गया था और पत्र को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी के पत्र के माध्यम से कहा था कि हरियाणा सरकार स्वीकृत 19 से अधिक एक्स काडर पदों के साथ काम नहीं कर सकती है।
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-हरियाणा सरकार इस मामले में पहले ही सौंप चुकी है अपना जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नियमों के खिलाफ जाकर एक्स काडर पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 31 अधिकारियों को वित्त विभाग से स्वीकृति लिए बगैर ही मनमर्जी से नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले में गृह विभाग के विशेष सचिव मनी राम शर्मा अपना हलफनामा दाखिल कर चुके हैं।
इससे पहले याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी आरती ने आरोप लगाया कि भारतीय पुलिस सेवा (कैडर का निर्धारण) का उल्लंघन करते हुए आईपीएस अधिकारियों के लिए स्वीकृत 19 एक्स काडर पदों के विरुद्ध बहुत अधिक संख्या में आईपीएस अफसर एक्स काडर पदों पर काम कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य में 31 आईपीएस अधिकारी अवैध रूप से और नियमों का उल्लंघन कर हरियाणा पुलिस के सार्वजनिक कार्यालयों में तैनात हैं। हरियाणा पुलिस में कोई भी एक्स काडर पद सृजित करते समय वित्त विभाग की सहमति लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा। तीन मार्च, तीन अप्रैल और 17 अप्रैल को जारी आदेशों द्वारा 19 अतिरिक्त संवर्ग पदों के अतिरिक्त 31 अधिकारियों की और पदस्थापना की है, जो कि अवैध है। यह सीधे-सीधे भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग संख्या का निर्धारण) संशोधन विनियम का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता द्वारा हाईकोर्ट से इन पोस्टिंग आदेशों को रद करने की मांग की गई है।
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हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भी नियमों का उल्लंघन कर आईपीएस अधिकारियों के लिए सृजित किए जा रहे अतिरिक्त संवर्ग पूर्व पदों के संबंध में संज्ञान लिया है। 13 जनवरी को हरियाणा विधानसभा सचिवालय द्वारा भी इस बारे में लिखा गया था और पत्र को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी के पत्र के माध्यम से कहा था कि हरियाणा सरकार स्वीकृत 19 से अधिक एक्स काडर पदों के साथ काम नहीं कर सकती है।
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