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Hindi News ›   Chandigarh ›   Central Administrative Tribunal ruled in favor of widow against cancel of family pension due to remarriage

Chandigarh: विधवा यदि पुनर्विवाह कर सामान्य जीवन व्यतीत करे तो भी वह परिवार पेंशन की हकदार

Tue, 23 May 2023 09:52 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 May 2023 09:52 AM IST
सार

रोपड़ जिले की रहने वाली कश्मीर कौर ने कैट में याचिका दायर करते हुए चंडीगढ़ मंडल के वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक द्वारा 11 अक्तूबर 2021 को जारी किए गए उस आदेश को रद्द करने की दरखास्त की थी, जिसमें विभाग ने परिवार पेंशन की वसूली का आदेश दिया था। 

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Central Administrative Tribunal ruled in favor of widow against cancel of family pension due to remarriage
Court order - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एक विधवा के मृतक के छोटे भाई से पुनर्विवाह करने के चलते रद्द की गई फैमिली पेंशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) चंडीगढ़ ने याची के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने फैसले में कहा कि एक विधवा जो मृतक के छोटे भाई से पुनर्विवाह कर सम्मान जीवन व्यतीत करती है, वह पूरी तरह से परिवार पेंशन की हकदार है। 

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कैट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें याचिकाकर्ता की दूसरी शादी को आधार बना विभाग की ओर से विधवा की फैमिली पेंशन को रोक दिया गया था। कैट ने डाक विभाग को उसकी पारिवारिक पेंशन बहाल करने और बकाया राशि दो महीने के भीतर जारी करने का भी निर्देश दिया।
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रोपड़ जिले की रहने वाली कश्मीर कौर ने कैट में याचिका दायर करते हुए चंडीगढ़ मंडल के वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक द्वारा 11 अक्तूबर 2021 को जारी किए गए उस आदेश को रद्द करने की दरखास्त की थी, जिसमें विभाग ने परिवार पेंशन की वसूली का आदेश दिया था। 
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विभाग ने फैमिली पेंशन रोकने के साथ ही महिला के दोबारा शादी करने को आधार बनाते हुए उसे 1 जुलाई 1992 से 31 दिसंबर 2020 तक दी गई पेंशन की वसूली करने के लिए आदेश दिए थे। उन्होंने अपनी दरखास्त में अदालत को बताया कि उनके पति राज कुमार बतौर वर्क मैन काम कर रहे थे। 16 मार्च, 1982 को उनके पति का निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 1992 में राज कुमार के छोटे भाई मोहन लाल से शादी की। उसने कहा कि एक व्यक्ति ने बाद में शिकायत की कि उसने दूसरी शादी कर ली है। पूछताछ के बाद उनकी फैमिली पेंशन रोक दी गई। उन्हें प्रति माह 11,779 रुपये की पारिवारिक पेंशन मिल रही थी। उसे विभाग द्वारा बताया गया कि उसकी पेंशन रोक दी गई है, क्योंकि उसका पुनर्विवाह हो गया है।

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