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सिप्पी सिद्धू हत्याकांड: सीबीआई ने कहा- जांच में सहयोग नहीं कर रही कल्याणी, खारिज हो जमानत याचिका
Thu, 04 Aug 2022 09:34 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 04 Aug 2022 09:34 PM IST
सार
सीबीआई ने कहा कि अगर कल्याणी को जमानत दी गई तो वह पीड़ित परिवार को धमका सकती हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी मौजूद है बावजूद इसके पुलिस हिरासत में कल्याणी ने जांच में सहयोग नहीं किया।
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कल्याणी और सिप्पी सिद्धू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
राष्ट्रीय निशानेबाज सिप्पी सिद्धू की हत्या के मामले में हाईकोर्ट के जज की बेटी कल्याणी की नियमित जमानत की मांग का सीबीआई ने विरोध किया है। याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए सीबीआई ने कहा कि कल्याणी जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और उन्होंने नारको टेस्ट से भी इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने जवाब को रिकॉर्ड में लेकर सुनवाई 23 अगस्त को तय की है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कल्याणी ने सिप्पी सिद्धू हत्या मामले में नियमित जमानत की मांग की है। सीबीआई ने कल्याणी सिंह को 15 जून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसने जमानत के लिए जिला अदालत में याचिका दाखिल की थी। जिला अदालत ने सभी तथ्यों को देखने के बाद याचिका को खारिज कर दिया था। ऐसे में अब कल्याणी ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
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जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर की बेंच के समक्ष सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची बेहद प्रभावशाली है और यदि उसे जमानत दी गई तो वह जांच को प्रभावित कर सकती है। सीबीआई ने यह भी कहा कि कल्याणी कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार का हवाला देकर जमानत मांग रही हैं जो जमानत का आधार नहीं हो सकता।
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अगर कल्याणी को जमानत दी गई तो वह पीड़ित परिवार को धमका सकती हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी मौजूद है बावजूद इसके पुलिस हिरासत में कल्याणी ने जांच में सहयोग नहीं किया। हाईकोर्ट ने सीबीआई के जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर सुनवाई 23 अगस्त तक स्थगित कर दी।
एक जज याचिका पर सुनवाई से कर चुके हैं इनकार
कल्याणी की याचिका सबसे पहले जस्टिस अनूप चितकारा के पास पहुंची थी तो उन्होंने पूछा था कि यदि वह इस याचिका पर सुनवाई करें तो किसी को आपत्ति तो नहीं है। जस्टिस अनूप चितकारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट तबादले के माध्यम से आए हैं। याची कल्याणी की मां हिमाचल हाईकोर्ट में जज हैं। तब सीबीआई और शिकायतकर्ता दोनों ने ही उनके इस याचिका पर सुनवाई करने पर आपत्ति जताई। इसके बाद जस्टिस अनूप चितकारा ने सुनवाई से इनकार कर दिया था।