राहुल की ‘पिच’ से नदारद दिखे ‘कैप्टन’, उठे कई सवाल
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पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच की दूरियां अंबाला पहुंचे राहुल गांधी के सामने भी झलक गई। किसानों के हालात का जायजा लेने के लिए अंबाला रिसीव करने पंजाब कांग्रेस के तमाम आला नेता पहुंचे थे, मगर कैप्टन नदारद रहे।
राहुल गांधी का स्वागत करने और उन्हें पंजाब ले जाने पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनका कोई समर्थक अंबाला नहीं पहुंचा। यही बात यहां आला नेताओं और पंजाब के कांग्रेसी में चर्चा का बनी रही। तय कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी को पंजाब में जाकर विभिन्न मंडियों में किसानों का दर्द बांटना है, वहां के हालातों का जायजा लेना है।
हां, कैप्टन जी की ओर से मालूम चला है कि कैप्टन किसी टूर पर हैं। इसलिए यहां अंबाला नहीं पहुंच पाए। मैं सिर्फ किसानों का दर्द बांटने आया हूं। किसान बहुत ज्यादा दुखी है और हम किसानों के साथ हैं।
-राहुल गांधी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कांग्रेस।
कैप्टन जी अंबाला नहीं आ पाए, क्योंकि वह पंजाब में किसी दीक्षांत समरोह में बिजी है। इसलिए कोई बात हम लोग यहां राहुल जी को रिसीव करने पहुंचे।
-शकील अहमद, प्रभारी, पंजाब कांग्रेस।
मुझे नहीं पता कैप्टन क्यों नहीं आए। सभी कांग्रेसी यहां गर्मजोशी से राहुल जी का स्वागत कर रहे हैं। राहुल जी किसानों से मिलने पंजाब जा रहे हैं।
-प्रताप सिंह बाजवा, प्रदेशाध्यक्ष, पंजाब
पंजाब कांग्रेस राहुल के दौरे को ‘संजीवनी’ के तौर पर देख रही
पंजाब कांग्रेस के राहुल के दौरे को एक ‘संजीवनी’ के तौर पर देख रही है। क्योंकि पंजाब में चुनावों को ज्यादा समय नहीं बचा और दूसरा, चुनाव से पहले ही पंजाब कांग्रेस में फूट के स्वर भी मुखर हैं।
इसलिए ये कयास लगाए रहे हैं कि पंजाब में राहुल का दौरा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंद्र सिंह और प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच की खाई को कम कर देगा। लेकिन यहां अंबाला में मंगलवार शाम को राहुल गांधी को रिसीव करने वाले पंजाब के आला नेताओं में से कैप्टन की गैरमौजूदगी ने पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच खींचतान को कम करने की संभावनाओं को क्षीण कर दिया है।
राहुल को रिसीव करने पंजाब की पूर्व सीएम राजिंद्र कौर भट्ठल, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी शकील अहमद, पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत कई विधायक और पदाधिकारी पहुंचे, लेकिन न तो कैप्टन दिखे और न ही उनके समर्थक। उल्लेखनीय है कि पूर्व सीएम कैप्टन और प्रदेशाध्यक्ष बाजवा के बीच काफी खींचतान चल रही है। मामला हाईकमान तक पहुंचा हुआ है।