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नवजोत सिद्धू के इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता: कैप्टन अमरिंदर सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:58 AM IST
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रोडरेज मामले के चलते मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफा दिए जाने के कयासों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धू को मंत्री पद छोड़ने के लिए कहने का सवाल ही पैदा नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क पर झगड़े से संबंधित केस में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2007 में नवजोत सिंह सिद्धू की सजा पर रोक लगा दी थी।
वहीं हाईकोर्ट के सजा वाले आदेशों के खिलाफ सिद्धू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभी फैसला सुनाया जाना है। इस 30 वर्ष पुराने केस में सजा पर रोक के कारण सिद्धू को कैबिनेट में शामिल करने में न कोई रुकावट थी और न ही अब उनके मंत्री बने रहने में कोई अड़चन है।
सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू का जानबूझ कर समर्थन न किए जाने संबंधी रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सरकारी वकील को इस केस से जुड़ी कोई नई जानकारी नही मिलती, तब तक उसके लिए नया तर्क रखना कानूनी तौर पर संभव नहीं है।
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राज्य सरकार के वकीलों ने निचली अदालत और हाईकोर्ट में खास नुकते-नजर से पक्ष रखा था और किसी नए सबूत की अनुपस्थिति में सुप्रीम कोर्ट के सामने पक्ष बदलने का कोई रास्ता नहीं था।
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वहीं हाईकोर्ट के सजा वाले आदेशों के खिलाफ सिद्धू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभी फैसला सुनाया जाना है। इस 30 वर्ष पुराने केस में सजा पर रोक के कारण सिद्धू को कैबिनेट में शामिल करने में न कोई रुकावट थी और न ही अब उनके मंत्री बने रहने में कोई अड़चन है।
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सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सिद्धू का जानबूझ कर समर्थन न किए जाने संबंधी रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सरकारी वकील को इस केस से जुड़ी कोई नई जानकारी नही मिलती, तब तक उसके लिए नया तर्क रखना कानूनी तौर पर संभव नहीं है।
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राज्य सरकार के वकीलों ने निचली अदालत और हाईकोर्ट में खास नुकते-नजर से पक्ष रखा था और किसी नए सबूत की अनुपस्थिति में सुप्रीम कोर्ट के सामने पक्ष बदलने का कोई रास्ता नहीं था।