पंजाब: कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- परीक्षा कराने के यूजीसी के फैसले की समीक्षा करें मोदी
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पंजाब में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा होने के कारण मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूजीसी के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया। यूजीसी के 30 सितंबर तक कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा लाजिमी तौर पर करवाने का निर्देश दिया है। कोविड की स्थिति का जायजा लेने के लिए कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए हुई बैठक में कैप्टन ने कहा कि पंजाब सितंबर में परीक्षाएं करवाने की स्थिति में नहीं होगा। उस समय राज्य को कोविड के शिखर का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि इन विद्यार्थियों को उनकी पिछले प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) और अंदरूनी मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जा सकता है। जो विद्यार्थी अपने प्रदर्शन में सुधार लाना चाहते हैं, उनके इम्तिहान बाद में लेने की छूट दी जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार से ऑनलाइन स्कूल शिक्षा के लिए गरीब विद्यार्थियों की सहायता करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा मुहैया करवाने के लिए बुनियादी ढांचा बनाने के लिए फंड की जरूरत है। बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन भी उपस्थित रहे।
पीएम से मांगा उदार वित्तीय पैकेज
कैप्टन ने पहली तिमाही में 50 प्रतिशत राजस्व गिरावट के मद्देनजर राज्यों को उदार वित्तीय पैकेज देने की मांग भी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रांतीय आपदा राहत फंड (एसडीआरएफ) में से खर्चों के लिए कोविड से संबंधित शर्तें भी नरम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोविड से संबंधित खर्चों के लिए एसडीआरएफ में से इस समय पर 35 प्रतिशत तक फंड के इस्तेमाल की शर्त है जबकि मौजूदा जरूरतों की पूर्ति के लिए यह काफी नहीं है।