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कैंटोनमेंट बोर्ड में सीवरेज घोटाला, सीबीआई ने दर्ज किया केस
अनिल कुमार/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:00 AM IST
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सीवरेज घोटाला
- फोटो : demo pic
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पंजाब के फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड में सीबीआई को दो दिन की तहकीकात में करोड़ों का सीवरेज घोटाला मिला है। घोटाले में सीबीआई द्वारा करीब 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही जा रही है। सीबीआई टीम के एक सदस्य ने बताया कि सीवरेज में करोड़ों का घोटाला मिला है, इसीलिए इंजीनियर, ठेकेदार व संबंधित स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे। कई जगह सीवरेज डाला नहीं और ठेकेदारों को करोड़ों की पेमेंट कर दी गई।
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सीबीआई की टीम एसपी एमके तिवारी और डीएसपी सतिंदर बिश्ट की अगुवाई में मंगलवार को देर रात (लगभग बारह बजे) तक कैंटोनमेंट बोर्ड दफ्तर में दस्तावेज खंगालने के बाद सीवरेज से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें, एमबी व अन्य दस्तावेज साथ ले गई है।
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ये अधिकारी व मुलाजिम फंसेंगे
सूत्रों के मुताबिक जिन जगहों पर सीबीआई को सीवरेज के पाइप जमीन के नीचे से नहीं मिले या फिर जिस जगह पूरा सीवरेज व होदी नहीं बनाई वहां की पेमेंट ठेकेदार को कर दी है। इसमें जूनियर इंजीनियर, सीनियर इंजीनियर, वरिष्ठ अधिकारी, ठेकेदार और वे अधिकारी जिसने सीवरेज सही तरह से डलने का क्लीरियंस सर्टिफिकेट दिया है, उन पर गाज गिरेगी।
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ये साथ ले गई सीबीआई टीम
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम अपने साथ असली-नकली एमबी के अलावा वाउचर, कंप्लीशन रिपोर्ट, सीवरेज डालनेे वाली फर्मों की एग्रीमेंट कापियां, अनुभव सर्टिफिकेट, एमबी नंबर-93, एमबी-193, टेंडर की कापियां, कैश बुक, चारों फर्मों द्वारा दिए गए दस्तावेज साथ ले गई है।
सीबीआई को लोगों ने दी जानकारी
छावनी क्षेत्र के कई लोगों ने सीबीआई को बताया कि इलाके में डल रहे सीवरेज में घटिया सामग्री इस्तेमाल हो रही है। पाइपों का साइज छोटा है। जिस गहराई तक सीवरेज डालना है उसके मुताबिक नहीं डल रहा है। नेताओं के लोगों ने सीवरेज का ठेका लिया है। काली रेत व पहाड़ी पत्थर का टेंडर में जिक्र है लेकिन डल नहीं रहा है। नियमों को ताक पर रख कर सीवरेज डाला जा रहा है।
टेंडर कंडीशन नहीं पूरी करती कई फर्में
सूत्रों के मुताबिक टेंडर की कंडीशन में सीवरेज डालने वाली फर्म के पास इंजीनियर और साजोसामान खुद का होना चाहिए। इसके अलावा काम का अनुभव होना जरूरी है। लेकिन कई फर्मों के पास इंजीनियर नहीं है। मजदूरों के सहारे ही सीवरेज की पाइपें डाली जा रही थी।