फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Cabinet decision, Big Gift to people of Haryana by Haryana Government

हिसार में 50 एकड़ में बनेगा डेयरी प्लाजा, पढ़ें हरियाणा कैबिनेट के अहम फैसले

Fri, 08 Mar 2019 10:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 08 Mar 2019 10:44 PM IST
विज्ञापन
Cabinet decision, Big Gift to people of Haryana by Haryana Government
हरियाणा कैबिनेट की बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में अब वेयरहाउसिंग उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही इस श्रेणी के उद्योगों का विकास प्रदेश में अब वेयरहाउसिंग कॉलोनी की तरह किया जा सकेगा। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस संदर्भ में औद्योगिक लाइसेंसिंग नीति, 2015 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई है।

विज्ञापन


अभी देखा जाए तो इस नीति में वेयरहाउसिंग उद्योग की परिभाषा नहीं थी और यह औद्योगिक टाउनशिप में 10 प्रतिशत तक ही सीमित था। लेकिन अब नीति में संशोधन के बाद कॉलोनी की स्थापना के उद्देश्य के लिए ऐसी वेयरहाउसिंग इकाइयों को उद्योग का हिस्सा माना जा सकेगा। 
विज्ञापन


अब इसके अंतर्गत किसी भी औद्योगिक इकाई में कॉलोनी के किसी हिस्से में या पर्याप्त मांग पर समस्त कॉलोनी को वेयरहाउसिंग के लिए प्लॉट्स के रूप में विकसित किया जा सकता है। साथ ही इसमें लाइसेंस शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि, कृषि उत्पाद के अलावा वेयरहाउस पर लागू परिवर्तन शुल्क लगाया जाएगा और लाइसेंस के लिए आवेदन जमा करने के समय कॉलोनाइजर को वेयरहाउस के लिए प्लॉटों के प्रावधान के साथ उसके औचित्य के संबंध में एक प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी के तहत वेयरहाउस के प्लॉट के एफएआर को मौजूदा 0.75 से बढ़ाकर 1.25 तक करने की अनुमति दी जाएगी। इसमें कॉलोनाइजर को पूरी औद्योगिक कॉलोनी में अवसंरचना सुविधाओं को पूरा करना होगा।

हिसार में शहरी क्षेत्र से बाहर 50 एकड़ में तैयार होगा डेयरी प्लाजा

अब हिसार के शहरी क्षेत्र से डेयरियां बाहर जाएंगी। इससे शहरवासियों को गंदगी और सीवरेज व नाले जाम की वजह से जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। हिसार के रिहायशी इलाके में ये बड़ी समस्या थी। जिसे लेकर सरकार ने ये निर्णय लिया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने हिसार में डेयरी प्लाजा स्थापित करने का रास्ता साफ करते हुए इसके लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हिसार में डेयरियों के स्थानांतरण के लिए नगर निगम हिसार को जमीन उपलब्ध कराने के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह डेयरी प्लाजा हिसार के गांव बीड़ में स्थापित किया जाएगा। 

जमीन हिसार के दक्षिणी बाईपास के करीब है। यहां इस डेयरी प्लाजा को एक फूड प्लाजा की तर्ज पर बनाया जाएगा। इस प्लाजा में शहर की सभी डेयरियों को स्थानांतरित किया जाएगा। यहां डेयरी संचालकों को 500 वर्ग गज या उनकी मांग पर इससे भी अधिक जमीन देने का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा इस क्षेत्र में डेयरी संचालकों और उनके पशुओं के लिए बुनियादी व अन्य जरूरी सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।

रोहतक में प्रभावितों को मिलेगी राहत
मंत्रिमंडल की बैठक में रोहतक-गोहाना रेलवे ट्रैक पर बनाए जा रहे एलिवेटिड रेलवे ट्रैक के रास्ते में पड़ने वाले मकानों व दुकानों तथा एलिवेटिड रेलवे ट्रैक के साथ-साथ बनाए जाने वाले रोड के रास्ते पर पड़ने वाले मकानों व दुकानों के पुनर्वास के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की 2177 वर्ग गज भूमि और पंडित भगवत दयाल शर्मा, स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक की 7400 वर्ग गज भूमि के हस्तांतरण को स्वीकृति प्रदान की गई। 
 

नगर निगम रोहतक को जमीन के इन दोनों टुकड़ों के हस्तांतरण के बाद नगर निगम द्वारा यह योजना सभी संबंधित भूमि मालिकों से लिखित सहमति प्राप्त करने तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के उपरांत ही लागू की जाएगी। मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि इससे 57 दुकानदारों, 7 घरों और 16 प्लॉट मालिकों को राहत मिलेगी। इनकी संपत्ति इस ट्रैक की वजह से प्रभावित हो गई थी।

व्हीलिंग व ट्रांसमिशन शुल्क से छूट
बैठक में हरियाणा सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के तहत सभी कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजनाओं, जिन्होंने 13 फरवरी 2019 तक ऐसी कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजना के पंजीकरण के लिए हरेडा को आवेदन किए  हैं,  भूमि खरीदी है, 30 वर्ष के लिए पट्टे पर जमीन ली है, उपकरण और मशीनरी खरीदी है या उपकरणों और मशीनरी की खरीद के लिए कम से कम एक करोड़ रुपये प्रति मेगावाट का निवेश किया है, को ऐसी परियोजनाओं के शुरू होने की तिथि से 10 वर्ष के लिए व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क से छूट होगी। जबकि कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए क्रास सब्सिडी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार लागू नहीं होगा। जबकि तीसरे पक्ष की बिक्री के लिए स्थापित सौर ऊर्जा परियोजना के लिए व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क, क्रॉस सब्सिडी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार से कोई छूट नहीं होगी।

- बैठक में श्री कृष्ण गोपाल सेवा समिति, नगर समिति, चीका को गौशाला के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि की बिक्री से संबंधित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। 

- बैठक में नगर निगम गुरुग्राम की 1500 वर्ग मीटर भूमि पेट्रोल पंप के रिटेल-आउटलेट के लिए भारतीय तेल निगम लिमिटेड को 30 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने की स्वीकृति प्रदान की गई।

हरियाणा सरकार ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति को मंजूरी दे दी है। इससे व्यक्तिगत लाइसेंस के जरिए विकसित की जाने वाली कॉलोनियों और परियोजनाओं में मिक्स लैंड यूज को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति और अन्य संबंधित नीतियों के प्रयोग को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

 बशर्ते, इन नीतियों के तहत आवेदक लाइसेंस प्राप्त भूमि पर केवल अतिरिक्त लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र के लिए ही टीओडी लाभ प्राप्त करना चाहता हो। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन में कॉलोनी स्थापित करने पर केवल 15 प्रतिशत की सीमा तक ही एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशो के उपयोग का विकल्प है। हालांकि, मौजूदा लाइसेंस के मामले में अतिरिक्त शुल्क का भुगतान कर न्यूनतम 0.5 एफएआर लेने का विकल्प भी रखा गया है। 

परियोजना में व्यक्तिगत लाइसेंस पर एक से अधिक लाइसेंस या कॉलोनाइजर होने की स्थिति में भी परियोजना के समस्त क्षेत्र पर न्यूनतम 0.5 एफएआर ही प्राप्त किया जा सकेगा। टीओडी नीति के तहत मिक्स लैंड यूज से घर और ऑफिस से लेकर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार सब एक ही स्थान पर होंगे। इससे मेट्रो और स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट लागू करने में सुविधा होगी। 

आमतौर पर शहरों के मास्टर प्लान में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग लैंड यूज तय होते हैं। यानि कहीं रेसीडेंशियल तो कहीं ग्रीन बेल्ट और कहीं कामर्शियल। ऐसे में घर, कार्य स्थल, स्कूल, कॉलेज, बाजार और अस्पताल अलग-अलग जगहों पर होते हैं। नतीजा एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए वाहन की जरूरत होती है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में समय अधिक लगने और बस स्टॉप की दूरी सहित अन्य समस्याओं के कारण ज्यादातर लोग निजी वाहनों का उपयोग करते हैं। 

नतीजा शहर में सड़कों पर खास तौर से सुबह और शाम के समय जाम लगता है। शहरों में बढ़ती इन समस्याओं को देखते हुए ही मिक्स लैंड यूज का कंसेप्ट लाया गया है। यानी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को वाहन का उपयोग नहीं करना पड़े। लोग पैदल या साइकिल से ही आना-जाना कर सके। बस स्टॉप और मेट्रो के स्टेशनों के आसपास मिक्स लैंड यूज को बढ़ावा देने का फायदा यह होगा कि लंबी दूरी के लिए भी लोग खुद की गाड़ी के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही उपयोग करेंगे।

शत-प्रतिशत लागू दरों पर लाभ की होगी अनुमति
यदि कॉलोनी में कई लाइसेंस शामिल हैं तो टीओडी नीति के तहत विशेष लाइसेंस, लाइसेंसों में शामिल क्षेत्र के लिए पूरी तरह शत प्रतिशत लागू दरों पर लाभ की अनुमति दी जाएगी। जिस क्षेत्र के लिए पूर्ण लागू दरों पर टीओडी नीति के तहत लाभ लिया गया है, उसका उपयोग अनुमोदित संयुक्त लेआउट व लाइसेंसिंग समूह की जोनिंग योजना में किया जा सकता है, बशर्तें कि 28 जनवरी,2013 की नीति में निर्धारित शर्तों एवं प्रक्रियाओं की पूरा किया गया हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed