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खुशखबरीः महिला ने शुरू की कैब सर्विस और पूर्व सैनिक बनेंगे 'सारथी', घर तक पहुंचाएंगे सुरक्षित
Thu, 20 Jun 2019 02:15 PM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 20 Jun 2019 02:15 PM IST
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कैब सर्विस
- फोटो : अमर उजाला
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एक महिला ने कैब सर्विस शुरू की है, जिसके ड्राइवर पूर्व सैनिक होंगे। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुरक्षित घर तक पहुंचाना इसका लक्ष्य है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं को जरूरी काम से घर से बाहर निकलना ही पड़ता है और कई बार टैक्सी में सफर करना पड़ता है। अगर देर शाम या रात के समय टैक्सी लेनी पड़े तो महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। इसी को देखते हुए जीरकपुर की एक महिला ने कैब सर्विस की शुरुआत की है।
इसमें महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाने में पूर्व सैनिक अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि कैब में ड्राइविंग वे खुद करेंगे। समाजसेवी सरताज लांबा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्स-सर्विसमैन को रखा गया है ताकि महिला यात्रियों की सुरक्षा कैब में सुनिश्चित हो सके। बडी (आपका दोस्त) कैब के नाम से शहर में नई पहल की गई है। लांबा ने बताया कि उनके कैब सर्विस का लक्ष्य लोगों को एक भरोसेमंद राइड देना है।
कैब में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए खास इंतजाम
इस कैब को चलाने का मकसद महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को उनके गंतव्य स्थान पर समय से सुरक्षित पहुंचाना है। इसमें बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम किया गया है। अगर किसी बुजुर्ग और दिव्यांग को अस्पताल ले जाना है तो ये कैब सर्विस पहले बीमार लोगों को प्राथमिकता देगी। इस कैब में व्हील चेयर की सुविधा भी बुजुर्गों को मिलेगी।
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साथ में ड्राइवर केयर टेकर का भी काम करेंगे। इसके लिए खास तौर उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है। अगर कोई बुजुर्ग बीमार है और उसके घर में उसे अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं है, तो ऐसी स्थिति में कैब के ड्राइवर उन्हें अस्पताल लेकर जाएंगे और उन्हें अस्पताल में केयर टेकर के रूप में दाखिल भी करवाएंगे।
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इसमें महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाने में पूर्व सैनिक अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि कैब में ड्राइविंग वे खुद करेंगे। समाजसेवी सरताज लांबा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्स-सर्विसमैन को रखा गया है ताकि महिला यात्रियों की सुरक्षा कैब में सुनिश्चित हो सके। बडी (आपका दोस्त) कैब के नाम से शहर में नई पहल की गई है। लांबा ने बताया कि उनके कैब सर्विस का लक्ष्य लोगों को एक भरोसेमंद राइड देना है।
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कैब में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए खास इंतजाम
इस कैब को चलाने का मकसद महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को उनके गंतव्य स्थान पर समय से सुरक्षित पहुंचाना है। इसमें बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम किया गया है। अगर किसी बुजुर्ग और दिव्यांग को अस्पताल ले जाना है तो ये कैब सर्विस पहले बीमार लोगों को प्राथमिकता देगी। इस कैब में व्हील चेयर की सुविधा भी बुजुर्गों को मिलेगी।
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साथ में ड्राइवर केयर टेकर का भी काम करेंगे। इसके लिए खास तौर उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है। अगर कोई बुजुर्ग बीमार है और उसके घर में उसे अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं है, तो ऐसी स्थिति में कैब के ड्राइवर उन्हें अस्पताल लेकर जाएंगे और उन्हें अस्पताल में केयर टेकर के रूप में दाखिल भी करवाएंगे।
दो घंटे का महज 600 रुपये
समाजसेवी सरताज लांबा ने बताया कि दो घंटे के लिए कैब का शुल्क जीएसटी को लेकर 600 रुपये रखा गया है। अगर किसी व्यक्ति को कैब की बुकिंग करनी है, तो वह 7710314444 मोबाइल नंबर पर कॉल कर अपने घर का पता बताएंगे, टैक्सी तुरंत रिसीव करने उपभोक्ता के घर तक पहुंच जाएगी। कैब की सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे पहले लोगों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। वहीं इस सुविधाओं को ऑनलाइन करने के लिए 15 दिन के भीतर एक ऐप जारी करेंगी।
बुजुर्गों का दोस्त बडी कैब
सरताज लांबा ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा ट्राइसिटी के लोगों को सुविधा देने के लिए करीब 100 कैब लगाने का लक्ष्य रखा है। चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली व जीरकपुर में कई परिवार ऐसे हैं, जिसके लड़के विदेश या फिर दूसरे शहर में मीलों दूर नौकरी करते हैं। वह हमेशा घर पर नहीं रह सकते। ऐसी स्थिति में उनके माता-पिता घर में अकेले रहते हैं। अगर वह बीमार हो जाते हैं तो उन्हें अस्पताल ले जाने में बडी कैब अहम भूमिका निभाएगी।
बुजुर्गों का दोस्त बडी कैब
सरताज लांबा ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा ट्राइसिटी के लोगों को सुविधा देने के लिए करीब 100 कैब लगाने का लक्ष्य रखा है। चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली व जीरकपुर में कई परिवार ऐसे हैं, जिसके लड़के विदेश या फिर दूसरे शहर में मीलों दूर नौकरी करते हैं। वह हमेशा घर पर नहीं रह सकते। ऐसी स्थिति में उनके माता-पिता घर में अकेले रहते हैं। अगर वह बीमार हो जाते हैं तो उन्हें अस्पताल ले जाने में बडी कैब अहम भूमिका निभाएगी।