रोहतक में भयानक हादसा, 2 थानेदारों की मौत
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हरियाणा के रोहतक में दिल्ली बाईपास चौक पर बृहस्पतिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में एक कार में सवार दो थानेदारों की मौत हो गई, जबकि दूसरी कार में सवार एमडीयू के प्रोफेसर बाल-बाल बच गए।
हादसे में मस्तनाथ विवि के कुलपति डॉ. मारकंडेय आहूजा की पत्नी और दिल्ली निवासी दो युवक भी बाल-बाल बचे। एमडीयू और जाट कॉलेज के छात्रों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, जबकि पुलिस बहुत देर से पहुंची। मरने वाले थानेदारों में एक सांपला थाने का एडिशनल एसएचओ और दूसरा खरावड़ चौकी इंचार्ज हैं। आरोपी ट्राला चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे झज्जर की ओर से लुकड़ियों से भरा एक ट्राला तेज गति से दिल्ली बाईपास चौक पर पहुंचा। तेज गति के कारण चालक का गोल चक्कर पर संतुलन बिगड़ गया। बेकाबू हुए ट्राले ने सबसे पहले दिल्ली की ओर से आ रही एक आल्टो गाड़ी में टक्कर मारी। इसके बाद वहीं पास से गुजर रहे एक ऑटो को चपेट में ले लिया और ऑटो पलट गया। हादसा होते ही एकाएक ट्राला चालक ने गति और बढ़ा दी और ट्राले को दिल्ली की ओर घुमा दिया। इससे चालक नियंत्रण खो बैठा और पास से गुजर रही दो कारों पर पलट गया।
एकाएक मौके पर एमडीयू और जाट कॉलेज के छात्र जुट गए। छात्र स्विफ्ट कार तक तो पहुंच गए और उसमें सवार व्यक्ति को भी बाहर निकाल लिया, लेकिन वे दूसरी गाड़ी वरना तक नहीं पहुंच सके। पौने घंटे बाद पहुंची पुलिस और लोगों ने क्रेन व जेसीबी मशीन मंगवाई और ट्राले को सीधा कराया।
हादसे के करीब डेढ़ घंटे बाद वरना कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सका। गंभीर हालत में दोनों को पीजीआई ले जाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की शिनाख्त खरावड़ चौकी इंचार्ज एसआई बल्लू राम और सांपला थाना में अतिरिक्त एसएचओ के पद पर तैनात एसआई अजीत सिंह के तौर पर हुई। दोनों किसी मामले में गवाही पर जिला अदालत से वापस सांपला जा रहे थे। पुलिस कर्मियों को गाड़ी से बाहर निकलने के बाद डीएसपी अमित भाटिया पहुंचे। दो घंटे बाद एसपी शशांक आनंद मौके पर आए।
'शुक्र है कि भगवान ने उन्हें बचा लिया'
बेकाबू ट्राले के नीचे ही एमडीयू के प्रोफेसर डॉ. बिजेंद्र अहलावत की गाड़ी भी दब गई थी। गनीमत रही कि उनकी गाड़ी पर काफी संख्या में लकड़ियां ही आकर गिरी थीं। हादसा होते ही लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद सबसे पहले लकड़ियां हटाकर डॉ. बिजेंद्र अहलावत को बाहर निकाल लिया। वे केवल इतना ही कह सके कि हादसा बेहद भयावह था, शुक्र है कि भगवान ने उन्हें बचा लिया।
दिल्ली बाईपास पर हादसे के प्रत्यक्षदर्शी ऑल्टो गाड़ी सवार नांगलोई निवासी मनोज पंवार ने बताया कि ट्राला काफी तेज गति में आ रहा था। तेज गति में कट मारने से ट्राला बेकाबू हो गया। ट्राले ने पहले उनकी कार में टक्कर मारी और इसके बाद एक अन्य होंडा सिटी कार में और फिर एक ऑटो में।
मैं अपने दोस्त रोहतक निवासी मनोज के साथ रोहतक आ रहा था और एक निजी कंपनी में नौकरी करता हूं। हादसे में मेरी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। अन्य प्रत्यक्षदर्शियों मनोज कुमार, सुरजीत और अमित ने बताया कि एक घंटे बाद पुलिस आई। आम लोगों व छात्रों ने लकड़ियां हटाने में खूब मदद की।
‘शशांक आनंद, एसपी, रोहतक ने बताया कि हादसा काफी भयानक है। अभी जांच की जा रही है। हादसे में महकमे के दो सब इंस्पेक्टर एक खरावड़ चौकी इंचार्ज बल्लू राम और दूसरे एडिशनल एसएचओ सांपला अजीत सिंह की मौत हो गई है। हादसा कैसे हुआ और क्या कारण रहे, इसकी जांच की जा रही है।’