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रिश्वत मामला : दोषी राजेश कुमार निलंबित, शोकॉज नोटिस भी जारी
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चंडीगढ़। रिश्वत लेने के मामले में एक सप्ताह पहले सात साल की सजा पाने वाले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के सीनियर असिस्टेंट राजेश कुमार को सीएचबी के चेयरमैन धर्मपाल ने निलंबित कर दिया है। साथ ही शोकॉज नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए।
राजेश कुमार सीएचबी के अकाउंट ब्रांच में कार्यरत था। उसे 24 जून 2015 में यूटी विजिलेंस विभाग ने सात हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद सीनियर असिस्टेंट बाकी रकम की डिमांड भी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि राजेश कुमार उससे नौ हजार रुपये रिश्वत की डिमांड कर रहा था। ये रिश्वत शिकायतकर्ता के भाई (कजन) को चंडीगढ़ के सेक्टर-63 में अलॉट मकान की लंबित किश्तों पर ब्याज में छूट देने के नाम पर मांगी थी। विजिलेंस विभाग ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, 13(1)(डी) के तहत यह केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने राजेश कुमार के खिलाफ आरोप तय कर मई 2019 में ट्रायल शुरू किया था और करीब एक सप्ताह पहले दोषी करार देते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद बुधवार को सीएचबी के चेयरमैन धर्मपाल ने राजेश कुमार को सजा पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। साथ ही एक शोकॉज नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए।
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राजेश कुमार सीएचबी के अकाउंट ब्रांच में कार्यरत था। उसे 24 जून 2015 में यूटी विजिलेंस विभाग ने सात हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद सीनियर असिस्टेंट बाकी रकम की डिमांड भी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि राजेश कुमार उससे नौ हजार रुपये रिश्वत की डिमांड कर रहा था। ये रिश्वत शिकायतकर्ता के भाई (कजन) को चंडीगढ़ के सेक्टर-63 में अलॉट मकान की लंबित किश्तों पर ब्याज में छूट देने के नाम पर मांगी थी। विजिलेंस विभाग ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, 13(1)(डी) के तहत यह केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने राजेश कुमार के खिलाफ आरोप तय कर मई 2019 में ट्रायल शुरू किया था और करीब एक सप्ताह पहले दोषी करार देते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद बुधवार को सीएचबी के चेयरमैन धर्मपाल ने राजेश कुमार को सजा पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। साथ ही एक शोकॉज नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए।
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