शिक्षा का नहीं क्रेज: चंडीगढ़ के लड़के स्कूल जाने से कर रहे परहेज, चाइल्ड मैपिंग सर्वे में सामने आया मामला
चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर में चाइल्ड मैपिंग का चौंका देने वाला सर्वे में सामने आया है। जिसमें कुल 3082 बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसमें सर्वे में लड़कियों के मुकाबले लड़के स्कूल जाने से परहेज कर रहे हैं।
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चंडीगढ़ में लड़कियों के मुकाबले लड़के स्कूल जाने से परहेज कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर में आयोजित चाइल्ड मैपिंग सर्वे में सामने आया है कि शहर में कुल 3082 बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इनमें लड़कों की संख्या 1620 है जबकि लड़कियों की संख्या 1462 है। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों में सात वर्ष से 10 वर्ष की उम्र के बीच के बच्चे अधिक 2178 हैं। इसमें 1125 लड़के और 1053 लड़कियां हैं।
स्पेशल सेंटरों पर चार घंटे बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है
इन बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से 129 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से इस डाटा को प्रबंध पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। स्पेशल सेंटरों पर चार घंटे बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है। शिक्षा के अधिकार-2009 के तहत 14 वर्ष तक के हर बच्चे को शिक्षा मुहैया करवाना अनिवार्य है।
पिछले सालों से स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की संख्या में आई कमी
वर्ष वंचित छात्र मेनस्ट्रीम में दाखिला लेने वाले बच्चे ट्रेनिंग सेंटर बजट
2018-19 4759 4073 142 239.06 लाख
2019-20 3630 3151 142 190. 83 लाख
2020-21 3681 2206 131 211.01 लाख
2021-22 4157 3657 130 226. 260 लाख
2022-23 3288 2727 130 186. 705 लाख
2023-24 3082 - 129 182.205 लाख
दो साल के लिए एक छात्र पर खर्च होंगे छह हजार रुपये
शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बच्चों को स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में लगभग दो साल की ट्रेनिंग दी जाती है। सत्र 2023-24 के बजट के अनुसार एक बच्चे की शिक्षा की ट्रेनिंग के लिए लगभग छह हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। बच्चे को ट्रेनिंग के बाद उसकी उम्र के अनुसार कक्षा में दाखिला दिया जाता है। सामान्य कक्षा में दाखिले के बाद भी स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर की ओर से बच्चे की शिक्षा में मदद की जाती है। स्कूल से बाहरी इन छात्रों को स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों पर ही स्टेशनरी, कौशल शिक्षा सामान, किताबें, स्वास्थ्य किट, टूथब्रश, शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट मुहैया करवाए जाते हैं।