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शिक्षा का नहीं क्रेज: चंडीगढ़ के लड़के स्कूल जाने से कर रहे परहेज, चाइल्ड मैपिंग सर्वे में सामने आया मामला

Wed, 12 Apr 2023 09:40 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, चंडीगढ़
माई सिटी रिपोर्टर, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 12 Apr 2023 09:40 AM IST
सार

चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर में चाइल्ड मैपिंग का चौंका देने वाला सर्वे में सामने आया है। जिसमें कुल 3082 बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसमें सर्वे में लड़कियों के मुकाबले लड़के स्कूल जाने से परहेज कर रहे हैं।

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Boys of Chandigarh are refraining from going to school, case came to light in child mapping survey
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ में लड़कियों के मुकाबले लड़के स्कूल जाने से परहेज कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर में आयोजित चाइल्ड मैपिंग सर्वे में सामने आया है कि शहर में कुल 3082 बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इनमें लड़कों की संख्या 1620 है जबकि लड़कियों की संख्या 1462 है। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों में सात वर्ष से 10 वर्ष की उम्र के बीच के बच्चे अधिक 2178 हैं। इसमें 1125 लड़के और 1053 लड़कियां हैं।

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स्पेशल सेंटरों पर चार घंटे बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है
इन बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से 129 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से इस डाटा को प्रबंध पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। स्पेशल सेंटरों पर चार घंटे बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है। शिक्षा के अधिकार-2009 के तहत 14 वर्ष तक के हर बच्चे को शिक्षा मुहैया करवाना अनिवार्य है।
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पिछले सालों से स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की संख्या में आई कमी

वर्ष           वंचित छात्र    मेनस्ट्रीम में दाखिला लेने वाले बच्चे         ट्रेनिंग सेंटर         बजट
2018-19     4759          4073                                              142                239.06 लाख
2019-20     3630          3151                                              142                190. 83 लाख
2020-21     3681          2206                                              131                211.01 लाख
2021-22     4157          3657                                              130                226. 260 लाख
2022-23     3288          2727                                              130                186. 705 लाख
2023-24     3082           -                                                    129                182.205 लाख

दो साल के लिए एक छात्र पर खर्च होंगे छह हजार रुपये

शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बच्चों को स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में लगभग दो साल की ट्रेनिंग दी जाती है। सत्र 2023-24 के बजट के अनुसार एक बच्चे की शिक्षा की ट्रेनिंग के लिए लगभग छह हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। बच्चे को ट्रेनिंग के बाद उसकी उम्र के अनुसार कक्षा में दाखिला दिया जाता है। सामान्य कक्षा में दाखिले के बाद भी स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर की ओर से बच्चे की शिक्षा में मदद की जाती है। स्कूल से बाहरी इन छात्रों को स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों पर ही स्टेशनरी, कौशल शिक्षा सामान, किताबें, स्वास्थ्य किट, टूथब्रश, शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट मुहैया करवाए जाते हैं।

बच्चों को प्रशिक्षित करने का छह माह का दिया लक्ष्य होगी सख्त निगरानी

स्पेशल सेंटरों में बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए छह माह का लक्ष्य दिया गया है जिससे उनको जल्दी सामान्य कक्षाओं के स्तर तक पहुंचाया जाए और उनके प्रदर्शन में ओवरऑल सुधार किया जाएगा। बच्चों की ट्रेनिंग को लेकर सख्त निगरानी रखी जाएगी और हर माह विभाग की ओर से रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। --हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक।
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