घातक गेंदबाजीः 18 साल के सार्थक शरण ने रचा इतिहास, 29 रन देकर झटके नौ विकेट
कूच बिहार ट्रॉफी में शहर के तेज गेंदबाज सार्थक शरण ने नौ विकेट लेकर इतिहास रच दिया। बीसीसीआई से चंडीगढ़ को मान्यता मिलने के बाद यहां पहली बार आयोजित कूच बिहार ट्रॉफी के चार दिवसीय मैच के पहले ही दिन सार्थक ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अपनी एतिहासिक उपलब्धि हासिल
सार्थक ने घातक गेंदबाजी कर महज 29 रन देकर अरुणाचल के नौ विकेट चटका डाले। अरुणाचल की टीम 24वें ओवर में मात्र 46 रन पर ढेर हो गई। इसके साथ ही महाजन क्रिकेट ग्राउंड, मनीमाजरा में खेले जा रहे मैच में चंडीगढ़ ने 203 रनों की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
चंडीगढ़ ने टॉस जीत कर अरुणाचल प्रदेश को बैटिंग का न्योता दिया। मेहमान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। सार्थक ने पहले ही ओवर में सिरिंग थाप्के (3) और नाबम कामा (0) का विकेट लेकर अपने मंसूबे जाहिर कर दिए। सार्थक ने सटीक लाइन और लेंथ को कायम रखते हुए डाडो ताचुंग को 8 रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू कर दिया।
इसके बाद अरुणाचल की टीम सार्थक के कहर से उबर नहीं पाई। सार्थक ने अरुणाचल के चार बल्लेबाजों नाबम कामा, ताई मागुंग, गोनी खांबे और चमन तोमर को शून्य पर आउट किया। इसके बाद सार्थक ने तीन अन्य खिलाड़ियों को भी पवेलियन की राह दिखाई। अरुणाचल का दसवां विकेट राज बावा ने ताची सान्या (4) के रूप में झटका। अरुणाचल की तरफ से जयप्रकाश यादव ने सबसे अधिक 16 रन का योगदान दिया।
उधर, चंडीगढ़ की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। अनिरुद्ध टंडन शून्य के स्कोर पर आउट हुए। टंडन को चमन तोमर ने बोल्ड किया। अनूप पटेल ने 14वें ओवर में चंडीगढ़ के सलामी बल्लेबाज ईशान गोयल का विकेट चटकाया। इस समय चंडीगढ़ का स्कोर 47 रन था।
इसके बाद अनूप पटेल ने कप्तान सूर्या नारायण यादव को 12 रन के बाद पवेलियन की राह दिखाई जबकि दूसरी ओर चिरागवीर ढींढसा क्रीज पर डटे रहे। चिराग ने 15 चौकों के साथ 85 रनों की शानदार पारी खेली और उन्हें डोल ने बोल्ड किया। पहले दिन के अंत तक प्रथम सिंह नाबाद 71 नाबाद और राज बावा 38 रन के स्कारे के साथ क्रीज पर डटे हुए थे और चंडीगढ़ का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 251 रहा।
डीएवी स्कूल में बारहवीं के छात्र हैं सार्थक शरण
18 वर्षीय सार्थक शरण सेक्टर-8 स्थित डीएवी स्कूल (लाहौर) में बारहवीं के छात्र हैं। उन्होंने अपने बड़े भाई सागर सारांश से प्रेरित होकर आठवीं से क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने स्कूल की एकेडमी के क्रिकेट सीखा। मूलरूप से हिसार निवासी सार्थक ने अमर उजाला को बताया कि एकेडमी में उनके पहले कोच अमित उनियाल ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए।
इसके बाद उन्होंने पेस गेंदबाजी और पैनी की। सार्थक के वर्तमान कोच शुभकरण अपने शिष्य की उपलब्धि को लेकर खासे उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि सार्थक की गेंदबाजी में दिनोंदिन निखरती जा रही है। सार्थक ने बताया कि उन्हें पंजाब और हरियाणा टीम के लिए करीब पांच सालों तक संघर्ष करना पड़ा। हालांकि कुछ समय पहले हरियाणा डिस्ट्रिक्ट के लिए उनका चयन हो गया था, लेकिन उन्होंने चंडीगढ़ के लिए खेलना बेहतर समझा।