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जालंधरः मकसूदां थाने में बम ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा, मच सकती थी भारी तबाही, अगर...
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Sun, 11 Nov 2018 09:02 AM IST
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जालंधर बम ब्लास्ट
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पंजाब के जालंधर में मकसूदां थाना में चार बम ब्लास्ट होने के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसके तहत बड़ी तबाही मच सकती थी। क्योंकि अमोनियम नाइट्रेट एक आक्सीडाइजिंग एजेंट से तैयार किए गए थे, जिन पर लोहे की पतली परत चढ़ाई गई थी। गनीमत यह रही कि बम में अमोनियम नाइट्रेट की मात्रा कम थी वरना बड़ी तबाही मच सकती थी।
आमतौर पर अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल नाइट्रोजन के सप्लीमेंट के रूप में उर्वरकों में किया जाता है। विस्फोटक क्षमता के कारण अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल खदानों में ब्लास्ट करने के अलावा आतिशबाजी में भी इस्तेमाल होता है। विस्फोटक क्षमताओं के कारण कई आतंकी इसको इस्तेमाल कर रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि 145 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट में बड़ी तबाही करने की क्षमता है। डेटोनेटर और प्लास्टिक एक्सप्लोसिव के मिश्रण से यह काफी घातक हथियार बन जाता है। इतनी बड़ी मात्रा तीन से चार किमी तक के इलाके को पूरी तरह तबाह करने के लिए पर्याप्त होती है। डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि बम कम क्षमता वाले थे, इनको शक्तिशाली तैयार नहीं किया गया था।
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आमतौर पर अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल नाइट्रोजन के सप्लीमेंट के रूप में उर्वरकों में किया जाता है। विस्फोटक क्षमता के कारण अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल खदानों में ब्लास्ट करने के अलावा आतिशबाजी में भी इस्तेमाल होता है। विस्फोटक क्षमताओं के कारण कई आतंकी इसको इस्तेमाल कर रहे हैं।
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जानकार बताते हैं कि 145 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट में बड़ी तबाही करने की क्षमता है। डेटोनेटर और प्लास्टिक एक्सप्लोसिव के मिश्रण से यह काफी घातक हथियार बन जाता है। इतनी बड़ी मात्रा तीन से चार किमी तक के इलाके को पूरी तरह तबाह करने के लिए पर्याप्त होती है। डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि बम कम क्षमता वाले थे, इनको शक्तिशाली तैयार नहीं किया गया था।
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बम देने वाला एक कश्मीरी युवक था
जालंधर बम ब्लास्ट
करीब डेढ़ महीने पहले अंसार-गजवा-तुल-हिन्द (हिंदुस्तान के खिलाफ जंग) के सरगना और अलकायदा के पूर्व कमांडर आतंकी जाकिर मूसा ने जालंधर के मकसूदां थाने में एक के बाद एक हुए चार धमाके करवाए थे। अब इस बात की जांच चल रही है कि बम पंजाब में तैयार किए गए थे या फिर कश्मीर से भेजे गए थे। मकसूदां थाने के भीतर 14 सितंबर की शाम 7 बजकर 26 मिनट को चार बम फेंके गए थे।
जालंधर में सेंट सोल्जर कॉलेज के विद्यार्थी शहीद क्यूब पुत्र अब्दुल क्यूब निवासी नूरपुर और फैजल वासिर पुत्र अहद पीचू निवासी घाट मोहल्ला अवंतिपुरा जम्मू-कश्मीर को जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध आतंकी संगठन एजीएच से है। जाकिर मूसा एजीएच का सरगना है। शहीद क्यूब और फैजल ने बताया कि उनको चार बम एक पोलिथीन लिफाफे में डालकर एक युवक ग्रैंड होटल के बाहर देकर गया था।
बम देने वाला युवक कश्मीरी था, यह तो साफ हो गया है। क्या वह बम जेएंडके से लेकर आया था या फिर पंजाब में तैयार किए गए थे, इसी जांच की जा रही है। जांच अधिकारी डीसीपी जांच गुरमीत सिंह का कहना है बम सप्लाई करने वाला कौन था, कहां से आया था, कुछ पता नहीं है क्योंकि सप्लायर दोनों विद्यार्थियों से सोशल मीडिया के जरिए बात करता था।
जालंधर में सेंट सोल्जर कॉलेज के विद्यार्थी शहीद क्यूब पुत्र अब्दुल क्यूब निवासी नूरपुर और फैजल वासिर पुत्र अहद पीचू निवासी घाट मोहल्ला अवंतिपुरा जम्मू-कश्मीर को जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध आतंकी संगठन एजीएच से है। जाकिर मूसा एजीएच का सरगना है। शहीद क्यूब और फैजल ने बताया कि उनको चार बम एक पोलिथीन लिफाफे में डालकर एक युवक ग्रैंड होटल के बाहर देकर गया था।
बम देने वाला युवक कश्मीरी था, यह तो साफ हो गया है। क्या वह बम जेएंडके से लेकर आया था या फिर पंजाब में तैयार किए गए थे, इसी जांच की जा रही है। जांच अधिकारी डीसीपी जांच गुरमीत सिंह का कहना है बम सप्लाई करने वाला कौन था, कहां से आया था, कुछ पता नहीं है क्योंकि सप्लायर दोनों विद्यार्थियों से सोशल मीडिया के जरिए बात करता था।