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Chandigarh News: पांच साल में ही टूट गया बीएमडब्ल्यू का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, देना होगा हर्जाना

Sun, 28 Jan 2024 04:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 04:16 AM IST
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BMW's instrument cluster broke within five years, compensation will have to be paid
चंडीगढ़। कार कंपनी के यहां लगातार सर्विस होती आ रही बीएमडब्ल्यू कार का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर टूटने पर ग्राहक ने कार निर्माता कंपनी और डीलर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कोताही को लेकर याचिका दायर की है। वहीं, आयोग में शिकायतकर्ता के आरोपों का जवाब देते डीलर ने कहा कि कार तीन साल की अवधि के अंदर छह बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है। इसकी मरम्मत पर खर्च 9 लाख 15 हजार 410 रुपये में से 8 लाख 22 हजार 882 रुपये बीमा कंपनी की ओर से अदा किए गए। इससे यह पता चलता है कि शिकायतकर्ता की ओर से वाहन को कैसे और किस प्रकार से चलाया और उपयोग किया जा रहा है। हालांकि कंपनी और डीलर दोनों ही सद्भावना (गुडविल) के लिए शिकायतकर्ता की कार में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर लगाने में लगने वाले खर्च में 50 प्रतिशत की छूट देने के लिए सहमत हो गए। वहीं, मामले में उपभोक्ता आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता का काफी कीमती समय आरोपी पक्ष की सेवाएं प्राप्त करने में बर्बाद हुआ है इसलिए आरोपी पक्ष को सेवा में कोताही का दोषी पाते हुए शिकायतकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 5000 रुपये और केस खर्च के तौर पर अतिरिक्त 5000 रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने शिकायतकर्ता की ओर से से इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर रिपेयर के लिए खर्च की गई कुल रकम में से 50 प्रतिशत के हिसाब से एक लाख 15 हजार 410 रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं।
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क्या था मामला...चंडीगढ़ सेक्टर-17 डी के रहने वाले विनय कुमार ने बीएमडब्ल्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम और चंडीगढ़ स्थित डीलर के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। शिकायतकर्ता ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि अक्तूबर 2017 में उसने बीएमडब्लयू-520 सीरीज की कार खरीदी थी। शिकायतकर्ता कार रखरखाव के लिए नियमित तौर से कंपनी की ओर से अधिकृत डीलर के यहां से कार की सर्विस करवाता रहा। पीड़ित के मुताबिक 17 जनवरी 2022 को उसकी कार खराब हो गई, जिसे ठीक कराने के लिए उसने कार को डीलर के यहां भेजा। मरम्मत के लिए भेजी गई कार के बारे में उसे बताया गया कि कार के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में खराबी है और इसे बदलने की जरूरत है। इस पर पीड़ित ग्राहक की ओर से आरोपी पक्ष को एक ईमेल भेजते हुए उल्लेख किया कि कार नियमित रूप से सर्विस के लिए कंपनी की ओर से अधिकृत वार्कशॉप में ही भेजी जाती रही है। पीड़ित ने कहा कि यह जिस कार की बात हो रही है, वह लगभग 48 हजार किलोमीटर ही चली थी। एक बड़े जर्मन ब्रांड की बीएमडब्ल्यू कंपनी के पास इतनी बेकार तकनीक है कि मुश्किल से 48 हजार किलोमीटर चलने के बाद कार खराब हो गई, जिसको रिपेयर करने के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को बदलने की जरूरत है। शिकायतकर्ता ने अपनी कार को ठीक कराने के लिए ई-मेल के माध्यम से कई पत्राचार किए और साथ ही डीलर वर्कशॉप का दौरा भी किया, लेकिन आरोपी पक्ष की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। कंपनी की ओर से उन्हें इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को बदलने के लिए 2 लाख 35 हजार 94 रुपये का सर्विस कोटेशन दिया गया। इसके बाद ग्राहक ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। बीएमडब्ल्यू की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि शिकायतकर्ता ने लगभग पांच वर्षों तक बिना किसी शिकायत के वाहन का उपयोग किया है। शिकायतकर्ता की ओर से जनवरी 2022 में कार के 56 हजार किलोमीटर चलने के बाद पहली बार इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर की परेशानी बताई। शिकायतकर्ता की ओर से कार के मैन्युफैक्चरिंग के संबंध में कुछ नहीं कहा है इसलिए अर्जी को खारिज किया जाए।
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