किसान आंदोलन: राकेश टिकैत की महापंचायत में पांच प्रस्ताव पास, पानी को बताया आंदोलन का देवता
कंडेला में आयोजित महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने लोगों से शांति बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 2021 युवा क्रांति का साल है लेकिन युवाओं को शांति रखनी होगी। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी की रात को जब सरकार षड्यंत्र के तहत किसान आंदोलन को समाप्त कर रही थी, तब उन्होंने लोगों से शांति की अपील की ओर पानी मांगा।
पानी में आग को सहन करने की शक्ति होती है। यदि आग मांग लेता तो क्या होता। टिकैत ने कहा कि सरकार साजिश कर आंदोलन तोड़ना चाहती है, लेकिन किसानों के पंचायती (वार्ताकार) नहीं बदलेंगे। इन्हीं घोड़ों (वार्ताकारों) से आंदोलन जीता जाएगा।
कंडेला महापंचायत में जुटी भीड़ से राकेश टिकैत काफी उत्साह में नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उत्साह शांति के साथ रखना है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने षड्यंत्र के तहत गणतंत्र दिवस का अपमान किया है।
टिकैत का युवाओं को खास संदेश
कंडेला के मंच से राकेश टिकैत ने युवाओं को खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा अपने खेत में नंगे पैर जाएं। अपने पैरों पर खेत की मिट्टी को छूने दें। साथ ही उन्होंने कहा कि घर के मंदिर में खेत का पानी व मिट्टी रखें।
सरकार को टिकैत की सलाह
राकेश टिकैत ने सरकार द्वारा किसानों को रोकने के लिए की जा रही बैरिकेडिंग पर भी सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिल्ली की सड़कों पर कील गाड़ कर अपनी ताकत दिखाई है लेकिन इन कीलों को किसान सोरम खाप के कार्यालय में रखेंगे, ताकि आने वाले 400 साल तक लोग इसे याद रखें।
जल है आंदोलन का देवता
राकेश टिकैत ने कहा कि जल आंदोलन का देवता है। ऐसे में किसानों को जल बचाने के लिए काम करना चाहिए। पानी किसान की सबसे बड़ी पूंजी है। इसे बर्बाद नहीं करें।
महापंचायत में पांच प्रस्ताव पारित
महापंचायत के संयोजक व कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने महापंचायत के मंच से पांच प्रस्ताव रखे, जिन्हें लोगों ने हाथ उठाकर पारित किया। इसमें मांग की गई।
- 1. तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं।
- 2. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाया जाए।
- 3. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए।
- 4. किसानों का कर्जा माफ किया जाए।
- 5. 26 जनवरी के दिन पकड़े गए किसानों व ट्रैक्टर को छोड़ा जाए व सभी केस वापस लिए जाएं।