Haryana New Govt: भाजपा ने बुलाई विधायक दल की बैठक, शपथ से पहले दो दिन चंडीगढ़ में ही रहेंगे 48 MLA
हरियाणा में नई सरकार के गठन से पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक चंडीगढ़ में होगी। वहीं, नायब सैनी के शपथ समारोह से दो दिन पहले पार्टी के सभी विधायक चंडीगढ़ में ही रहेंगे।
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शपथ ग्रहण समारोह रविवार के दिन भी पंचकूला में बैठकों का दौर जारी रहा। समारोह को भव्य और खास बनाने के लिए भाजपा के प्रदेशस्तरीय नेताओं की बैठकों में मंथन चलता रहा। क्योंकि समारोह में खुद पीएम नरेंद्र मोदी आ रहे हैं तो इधर प्रशासन भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। पुलिस के आला अधिकारियों ने जहां समारोह स्थल का दौरा किया।
कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्तूबर को विधायक दल की बैठक की जाएगी। इसमें सैनी को विधायक दल का नेता चुनने के बाद वे राज्यपाल से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अक्तूबर को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय नायब सैनी और मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी करेंगे शिरकत
शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी शिरकत करगें। इनमें असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की स्वीकृति आ चुकी है, जबकि कई अन्य को भी निमंत्रण भेजा गया है। इनके केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम मंगलवार तक पहुंचेगा। इनमें मनोहर लाल, राव इंद्रजीत सिंह समेत कृष्ण पाल गुर्जर के शामिल होने की संभावना है।
बगावती तेवरों की खबरों पर राव इंद्रजीत का पलटवार, कहा-मैं और सभी विधायक भाजपा के साथ
हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बागी होने को लेकर चल रही खबरों पर राव ने विराम लगाया है। 9 विधायकों के साथ बागी तेवर अपनाने की खबर को राव ने तथ्यहीन और आधारहीन करार दिया है। इंद्रजीत सिंह ने अपने एक्स पर लिखा है कि कुछ मीडिया चैनलों पर तथ्यहीन खबरें चलाई जा रही हैं। मैं और सभी साथी विधायक भारतीय जनता पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
इस बार अहीरवाल की 11 में से 10 सीटें भाजपा के खाते में आईं हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत अहीरवाल और दक्षिण हरियाणा के दिग्गज नेता हैं। पहली बार राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती सिंह इस बार अटेली सीट से चुनाव जीतीं है। बताया जा रहा है कि राव इंद्रजीत अपनी बेटी को मंत्री बनाने को लेकर लाॅबिंग कर रहे हैं। वहीं, कई विधायकों द्वारा राव से मिलने के बाद से अटकलें लगी थीं कि राव भाजपा के लिए परेशानी खड़ा करेंगे। क्योंकि राव भी कई बार मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा जता चुके हैं। जैसे ही टीवी चैनलों पर राव के बगावती सुर और 9 विधायकों को साथ ले आने की खबरें चलीं तो राव ने सोशल मीडिया पर इसका खंडन किया है।