टिकट वितरण में 'आधी आबादी' की अनदेखी
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महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का दावा करने वाले राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में ही उनकी अनदेखी कर दी है।
किसी भी दल ने महिलाओं को 15 प्रतिशत से ज्यादा टिकट वितरण में प्रतिनिधित्व नहीं दिया। यहां तक कि टिकट वितरण में उनकी राय भी नहीं ली गई। जब टिकट ही गिनती के दिए गए हैं, तो उनका प्रतिनिधित्व भी नाममात्र का होगा।
राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का चुनाव में लोग नए चेहरों पर बहुत कम दांव लगाना चाहते हैं। लगभग सभी विधानसभा हलकों में कांटे की टक्कर है। राजनीतिक दलों ने टिकटों में उन्हीं को वरीयता दी है, जो चुनाव जीत सकते हैं।
यह विडबंना ही है कि जो दल कई सालों से महिलाओं के अधिकारों के लिए जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें तो प्रतिनिधित्व दिया ही नहीं गया।
सबसे ज्यादा भाजपा ने उतारे महिला उम्मीदवार
हर राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इनमें सबसे ज्यादा भाजपा ने 13 महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 10, इनेलो ने 9 और हजकां-हजपा गठबंधन ने 9 महिला उम्मीदवारों को टिकट दी है।
कांग्रेस ने पहले 11 उम्मीदवारों को टिकट दी थी, लेकिन शुक्रवार को बावल से उम्मीदवार बदल दिया गया है। महिला उम्मीदवार अमृतकलां से टिकट वापस लेकर जसवंत बावल को दी गई।
2009 में 10 महिला उम्मीदवार पहुंची थी विधानसभा
पिछले लोकसभा चुनाव में कुल 68 महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इनमें से 9 महिलाएं ही चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। कांग्रेस से 7, इनेलो, भाजपा और हजकां से एक-एक महिला उम्मीदवार विधायक बनी थी।
कालका से पहली बार महिला उम्मीदवार को उतारा
इस बार कालका में पहली बार कांग्रेस, भाजपा और हजकां-हजपा गठबंधन ने महिला उम्मीदवारों को उतारा है। कांग्रेस की ओर से मनवीर कौर गिल, भाजपा की ओर से लतिका शर्मा, हजपा की उम्मीदवार शक्ति रानी शर्मा के बीच मुकाबला है। शक्ति रानी शर्मा हजपा के अध्यक्ष विनोद शर्मा की पत्नी हैं। वहीं, इनेलो से प्रदीप चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं।
कोट
हरियाणा में महिलाओं की स्थिति बहुत खराब है। यहां पर इनकी आवाज उठाने वाले कोई नहीं है। जब महिलाएं विधानसभा में पहुंचेंगी ही नहीं तो उनके बारे में बोलेगा कौन। जब राजनीतिक दलों को भीड़ जुटानी होती है तभी वे महिलाओं को बुलाते हैं। चाहे नेशनल पार्टी हो या फिर स्थानीय। सभी की कथनी-करनी में अंतर है।
-रचना, संयोजक, महिला मुक्ति मोर्चा, रोहतक