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Loksabha Election: पंजाब में भाजपा को खली शिअद संग गठबंधन की कमी, काफी कम अंतर से हारे कई दिग्गज

Fri, 07 Jun 2024 04:03 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 07 Jun 2024 04:03 PM IST
सार

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव के जो रिजल्ट रहे हैं। अगर उन पर ध्यान से नजर डाले तो भाजपा को भी गठबंधन न होने के काफी नुकसान हुआ। भाजपा ने कई सीटों पर कड़ी टक्कर दी, लेकिन गठबंधन में न रहने के चलते कम अंतर से दूसरे व तीसरे नंबर पर रहते हुए ये सीटें गंवा बैठी।

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BJP Felt loss of alliance with akali dal in Punjab during loksabha election
पंजाब में भाजपा को खली अकाली दल से गठबंधन की कमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी व शिरोमणि अकाली दल दोनों को इस बार पंजाब में गठबंधन न होने के चलते नुकसान झेलना पड़ा है। दोनों ने ही अकेले सभी 13 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा। इससे भाजपा को वोट शेयर बढ़ोतरी का तो फायदा मिला, लेकिन चुनाव में उसके हाथ कोई सीट नहीं लगी। 
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वर्ष 2019 चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा का वोट शेयर 8.93% बढ़कर 18.56% हो गया है। पिछली बार 9.63% वोट शेयर के साथ पार्टी ने दो सीटें जीती थीं। इसी तरह शिअद की बात की जाए तो वर्ष 2019 में 27.45% वोट शेयर के मुकाबले इस बार उसका वोट शेयर गिरकर 13.42% रह गया है। साथ ही दो सीटों की जगह इस बार पार्टी केवल अपनी एक बठिंडा की सीट ही बचा पाई है। 
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लुधियाना
चुनाव में सबसे हॉट सीट लुधियाना बनी हुई थी, क्योंकि यहां कांग्रेस छोड़कर भाजपा से रवनीत सिंह बिट्टू चुनाव मैदान में उतरे थे। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से बिट्टू को यहां 20,942 मतों से हार का सामना करना पड़ा है। शिअद के रणजीत सिंह ढिल्लों भी यहां 90,073 मत प्राप्त करने में सफल रहे। इसी तरह भाजपा प्रत्याशी को शिअद के अलग चुनाव में उतरने के चलते नुक्सान झेलना पड़ा। अगर दोनों एक साथ मैदान में होते तो नतीजों में बड़ा हेर-फेर कर सकते थे।
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पटियाला
इसी तरह पटियाला सीट पर भी कुछ ऐसे ही नतीजे रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी भाजपा प्रत्याशी परनीत कौर ने तीसरे नंबर पर जरुर रही, लेकिन ये सीट उन्होंने बहुत ही कम अंतर से गंवाई है। इस सीट पर कांग्रेस के धर्मवीर गांधी 3,05,616 मत लेकर रहे विजय रहे, जबकि 2,88,998 मत लेकर परनीत कौर तीसरे नंबर रही। उनको 16,618 मतों से हार का सामना करना पड़ा है। शिअद प्रत्याशी एनके शर्मा ने भी इस सीट पर 1,53,978 मत प्राप्त किए।

फिरोजपुर
इसी तरह शिअद का गढ़ मानी जाने वाली फिरोजपुर सीट पर इस बार भाजपा ने विरोधियों को कड़ी टक्कर दी है। यहां कांग्रेस से शेर सिंह घुबाया ने 2,66,626 मत प्राप्त करके जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी गुरमीत सिंह सोढी 2,55,097 मत प्राप्त करके तीसरे नंबर पर जरुर रहे, लेकिन उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी। यही कारण है कि 11,529 कम मत के साथ उन्हें हार झेलनी पड़ी है। शिअद ने भी इस सीट पर पूरा मुकाबला दिया। शिअद प्रत्याशी नरदेव सिंह बॉबी मान ने 2,52,327 मत प्राप्त करके चौथे स्थान पर रहे हैं।

अमृतसर व गुरदासपुर में भी क्लोज फाइट, पर हुई हार
इसी तरह अमृतसर व गुरदासपुर सीट पर भी भाजपा ने फाइट दी है। गुरदासपुर में वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में गठबंधन में रहते हुए एक्टिंग से राजनीति में उतरे भाजपा प्रत्याशी सनी देयोल 82,459 मतों के अंतर से जीते थे। इस बार भाजपा ने स्थानीय नेता दिनेश सिंह बब्बू को अपना प्रत्याशी बनाया, लेकिन वह कांग्रेस प्रत्याशी सुखजिंदर सिंह रंधावा से 82,861 मतों से हार गए। यहां शिअद प्रत्याशी डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने 85,194 मत प्राप्त किए। अगर अमृतसर सीट की बात की जाए तो यहां भाजपा प्रत्याशी तरणजीत सिंह संधू 2,07,205 मत प्राप्त करके तीसरे नंबर पर रहे, जबकि
कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला ने 2,55,181 मत प्राप्त करके चुनाव में जीत दर्ज की। अगर शिअद प्रत्याशी की बात की जाए तो वह यहां पर 1,62,686 मत प्राप्त करने में सफल रहे।


तीनों सीटों पर कांग्रेस, भाजपा व शिअद प्रत्याशी का वोट शेयर
सीट                   कांग्रेस            भाजपा             शिअद

लुधियाना             30.42            28.45             8.52
फिरोजपुर             23.7             22.67             22.54
पटियाला             26.54            25.09             13.37

पंजाब में भाजपा व शिरोमणि अकाली दल दोनों ही अलग-अलग चुनाव में उतरे और इसका दोनों को ही नुक्सान झेलना पड़ा। अगर गठबंधन में दोनों चुनाव लड़ते तो नतीजे कुछ और होते व भाजपा को भी इसका काफी फायदा मिलने की संभावना थी। भाजपा का वोट शेयर चुनाव में जरूर बढ़ा है, लेकिन उसके प्रत्याशी कई सीटों पर बहत ही कम अंतर से चुनाव हारे हैं। -धनश्याम शर्मा, प्रोफेसर, राजनीति शास्त्र।
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