जानिए, क्या-क्या है भाजपा के घोषणापत्र में
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भाजपा ने शनिवार को चंडीगढ़ की जनता से 60 चुनावी वायदे किए। सेक्टर-33 स्थित पार्टी कार्यालय कमलम् में पार्टी के स्थानीय नेताओं की ओर से इसे जारी किया गया।
इस मौके पर घोषणापत्र कमेटी के अध्यक्ष जयराम जोशी, प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन भी मौजूद थे।
कसोटी पर वायदे
महिलाओं के लिए
वायदा : कम्युनिटी सेंटरों में व्यावसायिक शिक्षा का प्रबंध करना।
इग्नोर किया - महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे की अनदेखी की।
यूथ के लिए वायदे
- चंडीगढ़ सर्विस सिलेक्शन बोर्ड का गठन। नौकरियों में प्राथमिकता।
- फिल्म सिटी बनाना, जहां युवाओं को तकनीकी ट्रेनिंग भी मिलेगी।
- मनिमाजरा में लड़के, लड़कियों के लिए अलग-अलग कालेज।
-चंडीगढ़ को नशा मुक्त बनाया जाएगा।
- शहर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया जाएगा।
- शहर के सभी वार्डों में खेल के लिए मैदान बनाए जाएंगे
इग्नोर किया
- चंडीगढ़ में इंजीनियरिंग और मेडिकल की सीटें बहुत कम हैं और युवाओं को चंडीगढ़ से बाहर जाना पड़ता है।
कर्मचारियों से किए वायदे
- सरकारी कर्मचारियों को मकान दिए जाएंगे।
- अनुकंपा के आधार पर नौकरी।
इग्नोर किया
चंडीगढ़ में नौकरी के लिए आयुसीमा बढ़ाने का मामला भी अटका हुआ है।
व्यापारी व उद्यमियों के लिए वायदे
-उद्योगों का पलायान रोकना। मार्केट्स का सौंदर्यीकरण।
-पंजाब की तरह ट्रेडर वेलफेयर बोर्ड का गठन
-मिसयूज पैनेल्टी खत्म की जाएगी। अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति।
-बूथ ट्रांसफर फीस खत्म की जाएगी।
- रिटेल में एफडीआई नहीं।
-लीज होल्ड को फ्री होल्ड में बदलना।
आम नागरिक के लिए वायदे
-सिटीजन चार्टर लागू कराएंगे, सभी समस्याओं के निदान के सिंगल विंडो सिस्टम।
- हर तीन महीने बाद खुला दरबार लगाया जाएगा।
- मकानों के बदलाव नियमित किए जाएंगे। किरायेदारों के लिए हाउसिंग स्कीम।
- पेड पार्किंग खत्म कर दी जाएगी।
हर सेक्टर में बनेंगे अंडरपास
घोषणा पत्र में शहर में अंडरपास बनाने का भी जिक्र किया गया है। इस पर प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि हर सेक्टर में अंडरपास बनाए जाएंगे। शहर में 8 अंडरपास बनाने की योजना पिछले कई सालों से अटकी पड़ी है।
आडवानी का जिक्र तक नहीं
इसबार के घोषणापत्र पर अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवानी जैसे नेताओं की तस्वीर नहीं है। इतना ही नहीं घोषणापत्र में अडवानी के नाम को तो कहीं जिक्र भी नहीं किया गया है। इस घोषणापत्र की सिर्फ 150 प्रतियां ही छापी गई हैं।