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सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच 21, 22 को बीजेपी की अहम बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Apr 2017 09:51 AM IST
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : file photo
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हरियाणा में सत्ता को लेकर चल रहे संघर्ष पर भले ही दिल्ली नगर निगम चुनाव तक विराम लग गया हो, लेकिन असंतुष्ट विधायकों की नाराजगी पूरी तरह से थमी नहीं है। सियासी घमासान के बीच सीएम मनोहर लाल ने बैठक बुलाई है। 21 और 22 अप्रैल को एक बार फिर से पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुला ली है। यह बैठक सीएम सिटी करनाल में होगी।
सीएम अनाउंसमेंट की प्रगति को लेकर दो जिलों की समीक्षा बैठक वीरवार को बुलाई गई है। यमुनानगर और पानीपत के विधायकों की यह बैठक सरकार ने बुलाई है। इस बैठक के माध्यम से भी विधायकों को साधने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद प्रदेश कार्यकारिणी की चार माह के भीतर यह दूसरी बैठक होगी। इसी साल 15 और 16 जनवरी को यह बैठक पानीपत में हुई थी, जिसमें विधायकों ने अपनी पूरी भड़ास निकाली थी। अब पार्टी ने चार माह के भीतर एक बार फिर से बैठक बुला ली है।
बैठक के लिए सरकार और संगठन ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधायकों को लेकर अपनी दरियादिली के संकेत दे दिए हैं। यह संकेत कितने कारगर होंगे, यह अधिकारियों की तबादला सूची में उजागर होंगे। विधायक काम न होने का दुखड़ा अभी भी रो रहे हैं। अफसरशाही के तबादलों का यह मामला प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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एक्शन मोड में दिखेंगे सीएम
विधायकों के आक्रामक रुख को देखते हुए आलाकमान ने मुख्यमंत्री को एक्शन मोड में आने के लिए कहा है। लिहाजा आने वाले दो माह में सीएम एक्शन मोड में दिखाई देंगे। विधायकों की शिकायतों के चलते ही सीएमओ से कुछ लोगों की छुट्टी होनी तय हो गई है।
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सीएम अनाउंसमेंट की प्रगति को लेकर दो जिलों की समीक्षा बैठक वीरवार को बुलाई गई है। यमुनानगर और पानीपत के विधायकों की यह बैठक सरकार ने बुलाई है। इस बैठक के माध्यम से भी विधायकों को साधने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद प्रदेश कार्यकारिणी की चार माह के भीतर यह दूसरी बैठक होगी। इसी साल 15 और 16 जनवरी को यह बैठक पानीपत में हुई थी, जिसमें विधायकों ने अपनी पूरी भड़ास निकाली थी। अब पार्टी ने चार माह के भीतर एक बार फिर से बैठक बुला ली है।
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बैठक के लिए सरकार और संगठन ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधायकों को लेकर अपनी दरियादिली के संकेत दे दिए हैं। यह संकेत कितने कारगर होंगे, यह अधिकारियों की तबादला सूची में उजागर होंगे। विधायक काम न होने का दुखड़ा अभी भी रो रहे हैं। अफसरशाही के तबादलों का यह मामला प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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एक्शन मोड में दिखेंगे सीएम
विधायकों के आक्रामक रुख को देखते हुए आलाकमान ने मुख्यमंत्री को एक्शन मोड में आने के लिए कहा है। लिहाजा आने वाले दो माह में सीएम एक्शन मोड में दिखाई देंगे। विधायकों की शिकायतों के चलते ही सीएमओ से कुछ लोगों की छुट्टी होनी तय हो गई है।