हरियाणा: विपक्ष की 'गुगली' से नहीं टूटेगी भाजपा-जजपा की साझेदारी, बनाई गई ये रणनीति
- किसानों के खाते में रकम ट्रांसफर का ट्रायल पूरा
- गठबंधन में शामिल दोनों दलों के नेताओं ने दिए संकेत
- लाठीचार्ज के मामले में आला अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई
विस्तार
किसान आंदोलन और विपक्ष के कड़े तेवरों के बावजूद हरियाणा की गठबंधन सरकार पर कोई खतरा नहीं है। सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की शुक्रवार को हुई मुलाकात जल्दी रंग लाएगी। गठबंधन सरकार में शामिल दोनों दलों के नेताओं ने अमर उजाला से बातचीत में इसके संकेत दिए हैं।
जेजेपी, विपक्ष के दबाव में बिल्कुल नहीं आएगी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने विपक्ष के जाल में फंसने के बजाय जनता के बीच जाने का मन बनाया है। पीपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को भले ही गृह मंत्री सिरे से नकारें लेकिन सरकार के आदेश न होने के बाद भी स्थानीय प्रशासन के कड़ी कार्रवाई के आदेश देने का खामियाजा जल्द आला अफसरों को भुगतना पड़ सकता है। अफसरों पर लाठीचार्ज कराने की गाज जल्द गिर सकती है। इसके संकेत भी सरकार की तरफ से मिले हैं।
गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा व जेजेपी किसी सूरत में किसानों को नाखुश नहीं देखना चाहती। इसलिए सीएम, डिप्टी सीएम, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष अन्य नेताओं के साथ फील्ड में मोर्चा संभाले नजर आएंगे। वे किसानों को नुकसान के बजाए नए कृषि कानून के फायदे बताएंगे।
गठबंधन सरकार के शीर्ष नेता ने कहा है कि जल्दी शुरू होने जा रही फसलों की खरीद से राजनीति का शिकार चंद किसानों व उन्हें बरगलाने वाले नेताओं की सभी भ्रांतियां दूर हो जाएंगी। किसानों के साथ कोई अन्याय नहीं हो रहा, उनके भले के लिए ही नए कानून हैं। सरकार ने खरीद की राशि सीधी किसानों के खाते में भेजने के ट्रायल पूरा कर लिया है।
किसान हमारे अपने, उनके साथ कुछ भी गलत नहीं होगा: दुष्यंत
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि किसान हमारे परिवार का हिस्सा हैं। उनके साथ कुछ भी गलत नहीं होगा। वे खुद किसान परिवार से हैं, इसलिए किसी गलत कानून का समर्थन कर ही नहीं सकते। नए कानून किसान को और समृद्ध बनाएंगे। किसान भाई किसी के बहकावे में न आएं।
बबली को बुलाकर सुनी शिकायतें
दुष्यंत चौटाला ने टोहाना विधायक देवेंद्र बबली को बुलाकर उनकी शिकायतें सुनी हैं। उनकी नाराजगी को भी जाना। बबली ने अपनी हर बात को दुष्यंत के सामने विस्तार से रखा है। डिप्टी सीएम उनके मुद्दों को जल्दी गठबंधन सरकार में उचित प्लेटफॉर्म पर उठाकर सुलझाने का पूरा प्रयास करेंगे।
कांग्रेस की गुगली में नहीं फंसेगी जेजेपी
नए कृषि कानूनों को लेकर सत्ता पक्ष पर जुबानी हमले कर रही कांग्रेस की गुगली में जेजेपी नहीं फंसेगी। भाजपा व जेजेपी का शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस की मुहिम से आगाह हो चुका है। जल्दबाजी में जेजेपी कोई कदम नहीं उठाएगी। सरकार में रहकर किसानों के हित में काम करना जेजेपी की प्राथमिकता रहेगा। इसके संकेत शीर्ष नेतृत्व से शनिवार को मिले हैं।