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पराली प्रबंधन में घोटाला: पंजाब में मशीनें खरीदे बिना ही डकार गए लाखों की सब्सिडी, सरकार ने बैठाई जांच

Thu, 09 Nov 2023 08:33 AM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Nov 2023 08:33 AM IST
सार

कृषि विभाग ने मुख्य कृषि अधिकारी को खरीदी गई मशीनरी के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा था। इस पर अधिकारी ने अपने अधीन फाजिल्का और फरीदकोट में करीब 2000 किसानों के खेतों और घरों में कृषि मशीनरी की तस्दीक कराई, तो केवल 200 किसान ही खरीदी गई मशीनरी दिखा सके।

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Big scam in provide machines on subsidy to farmers for stubble management in Punjab
पंजाब में जल रही पराली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

पंजाब में पराली प्रबंधन के लिए राज्य सरकार किसानों को सब्सिडी पर मशीनें मुहैया कराने का दावा कर रही है, लेकिन इसमें बड़ा घोटाला सामने आया है। पराली निस्तारण के लिए मशीनें खरीदे बिना ही लाखों की सब्सिडी डकार ली गई। फरीदकोट और फाजिल्का में इस तरह के 1800 मामले सामने आने के बाद सरकार ने सभी जिलों में इसकी जांच शुरू कर दी है। इसमें किसानों, कंपनियों के साथ अधिकारियों की भी मिलीभगत की आशंका है।
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राज्य सरकार को मिली रिपोर्ट में बताया गया है कि फरीदकोट और फाजिल्का में कृषि मशीनें बनाने वाली कंपनियों, किसानों और अधिकारियों ने मिलीभगत कर कागजों में मशीनों की फर्जी खरीद-फरोख्त दिखाकर सब्सिडी की मोटी रकम हड़प ली। अब तक ऐसे 1800 किसानों के बारे में पता चला है। अब सरकार ने सभी जिलों में जांच टीमें भेजी हैं, जिन्हें सब्सिडी पर खरीदी गई मशीनों की तसदीक करने के लिए कहा है। 
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कृषि विभाग ने मुख्य कृषि अधिकारी को खरीदी गई मशीनरी के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा था। इस पर अधिकारी ने अपने अधीन फाजिल्का और फरीदकोट में करीब 2000 किसानों के खेतों और घरों में कृषि मशीनरी की तस्दीक कराई, तो केवल 200 किसान ही खरीदी गई मशीनरी दिखा सके। उनके पास खरीद संबंधी पूरे कागजात भी थे। बाकी 1800 किसानों के खेतों व घरों में मशीनें नहीं मिलीं और न ही वह ऐसी खरीद का कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सके।
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इस रिपोर्ट के आधार पर मुख्य कृषि अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। इस बीच, कृषि विभाग से यह भी पता चला है कि फाजिल्का और फरीदकोट में गड़बड़ी की सूचनाएं मिलने पर जालंधर से विभाग की टीमों को जांच के लिए भेजा गया था। 

शुरुआती तौर पर उन्हें केवल 425 किसानों की जांच करने को कहा गया था, लेकिन विभाग की टीम को किसानों और मशीनरी बेचने वाली कंपनियों के बीच मिलीभगत का पता चलने पर इस जांच का दायरा बढ़ाते हुए उक्त दोनों स्थानों पर कृषि मशीनरी खरीदने वाले दो हजार किसानों के पास मशीनों की तस्दीक की गई, तो खरीद के 1800 फर्जी मामले उजागर हुए।

50 फीसदी सब्सिडी दे रही सरकार
कृषि मशीनरी और पराली प्रबंधन से संबंधित मशीनों की खरीद पर राज्य सरकार की तरफ से किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। जांच अधिकारियों ने पाया कि कई कंपनियों ने मिलीभगत करके, मशीनें तो नहीं बेची, लेकिन कागजों पर मशीनों की खरीद दिखाकर सब्सिडी की रकम हड़प ली।

अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिएः खुड्डियां
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हेराफेरी के लिए किसी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।


ऐसा लंबे समय से चला आ रहाः दर्शनपाल
भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डा. दर्शनपाल ने कहा कि यह लंबे समय से चला आ रहा है कि किसानों तक सब्सिडी का पैसा नहीं पहुंच पाता। मशीनरी बेचने वाली कंपनियां और दलाल मिलीभगत करके किसानों के नाम पर पैसा हड़प जाते हैं। पराली की मशीनरी को लेकर भी कोई गड़बड़ी हुई है तो सरकार को तुरंत इसकी जांच करानी चाहिए। महंगी कृषि की खरीद-फरोख्त पर सरकार को नजर रखनी चाहिए ताकि किसानों को सब्सिडी का पूरा लाभ मिल सके।


 
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