तरनतारन ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, सुखबीर बादल को मारने के लिए तैयार किए गए थे बम
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पांच सितंबर को तरनतारन के पंडोरी गोला गांव में हुए विस्फोट में दो युवकों की मौत की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ये दो बम 2016 में शिअद प्रधान सुखबीर बादल की हत्या के लिए तैयार किए गए थे। उस वक्त भारी सुरक्षा के कारण आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे और उन्होंने ये बम खेत में दबा दिए थे।
मामले में गिरफ्तार आरोपी मलकीत सिंह शेरा ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनका सरगना बिक्रम सिंह पंजवड़ उर्फ बिक्कर है। उससे उसकी दोस्ती 2014 में हुई थी। बिक्रम आईईडी विस्फोटक बनाने में विशेषज्ञ था और उसने विस्फोटक सामग्री तैयार कर ली थी। उसका कहना था कि बादल परिवार बेअदबी के लिए जिम्मेदार है और इन्हें मारा जाना चाहिए।
सुखबीर नवंबर 2016 में श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर जाने वाले थे और तभी उन पर हमले की योजना बनाई गई। योजना के मुताबिक स्वर्ण मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुखबीर के पहुंचते ही पहले बिक्रम बम फेंकेगा और फिर शेरा।
जैसे ही सुखबीर बादल भारी सुरक्षा के साथ वहां पहुंचे तो बिक्रम घबरा गया और बम नहीं फेंक पाया। बाद में उन्होंने दोनों बम एक स्टील के डिब्बे में रखकर जमीन में दफना दिया। जुलाई 2018 में बिक्रम अर्मेनिया के रास्ते आस्ट्रिया भाग गया।
शेरा ने बताया कि बिक्रम को विस्फोट तैयार करने की ट्रेनिंग आतंकी गुरजंट से मिली थी। बिक्रम ने विदेश से ही गुरजंट और उसे आदेश दिया था कि जमीन में दबाए बमों को निकालकर उनका इस्तेमाल कुछ वीआईपी को मारने के लिए करो।
पांच सितंबर को जब विस्फोट हुआ तब गुरजंट और उसके दो सहयोगी हरप्रीत सिंह और विक्रमजीत बम को निकालने की कोशिश कर रहे थे। विस्फोट में हरप्रीत सिंह और विक्रमजीत मारे गए थे और गुरजंट घायल हो गया था। गुरजंट को हाल ही में एनआईए ने अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है।