डॉ राजीव हत्याकांड से उठा पर्दा, जिसे नौकरी से निकाला उसी ने की पूरी वारदात, तीन आरोपी गिरफ्तार
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हरियाणा के करनाल शहर के अमृतधारा अस्पताल के मालिक व वरिष्ठ डॉक्टर राजीव गुप्ता की शनिवार शाम सेक्टर-16 चौक पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने डॉक्टर पर तीन राउंड फायर किए, जिसमें से दो गोलियां उनकी छाती पर लगी थीं। खून से लथपथ डॉक्टर को उनके ही अस्पताल में लाया गया था, लेकिन रात आठ बजे उनकी मौत हो गई।
अब इस हत्याकांड पर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक डॉ राजीव की हत्या उनके ही अस्पताल के एक पूर्व कर्मचारी ने की है। उसने पूरी वारदात को अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी नौकरी से निकाले जाने से नाराज था और डॉक्टर से रंजिश रखता था। रविवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल भी करनाल स्थित डॉक्टर राजीव के घर पहुंचे। यहां उन्होंने परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने करनाल में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
वहीं, करनाल पुलिस ने तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पवन डॉ राजीव गुप्ता के पास काम करता था। डॉ राजीव गुप्ता के साथ 10 साल तक पवन डायलेसिस तकनीशयन के तौर पर काम कर चुका है। उसने सारी वारदात को अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
डॉ राजीव गुप्ता ने पवन को नौकरी से निकाल दिया था। जिसके बाद उसे कहीं और काम नहीं मिल रहा था। इसके बाद से आरोपी रंजिश रखने लगा। तीनों ही आरोपियों को हरियाणा-उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने रविवार तड़के करीब पांच बजे सभी को गिरफ्तार किया। वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टे को को भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी करनाल के रहने वाले हैं। पुलिस पूरे मामले में गहनता से जांच कर रही है। यह जानकारी आईजी करनाल रेंज योगेंद्र नेहरा ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।