Haryana Cabinet: गांवों में पानी के बिलों के 374 करोड़ माफ, संरक्षित वन क्षेत्र में इको टूरिज्म को मंजूरी
हरियाणा वन्य प्राणी परीक्षण विभाग राज्य सेवा कार्यकारी समूह क और ख सेवा नियम 1998 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। संशोधन के अनुसार मुख्य वन्यजीव वार्डन का पद राज्य नियमों से हटा दिया गया है, अब इसे भारत सरकार द्वारा आईएफएस कैडर में पीसीसीएफ स्तर पर शामिल किया गया।
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हरियाणा सरकार ने चुनावी साल में ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए पानी के बकाया बिलों के 374.28 करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं। सरकार के इस फैसले से करीब 28.87 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। वहीं, सरकार ने वन विभाग के संरक्षित क्षेत्र में इको टूरिज्म की नीति और 55 दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों को हर महीने तीन हजार रुपये मासिक वित्तीय सहायता देने की मंजूरी दी।
हरियाणा मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कुल 17 एजेंडे रखे गए। इनमें से 15 पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी। दो एजेंडों पर सहमति नहीं बन पाई। उन्हें अगली बैठक में रखा जाएगा। मंत्रिमंडल ने ग्रामीण इलाकों में एक अप्रैल 2015 से 31 दिसंबर 2022 तक आए पानी के बिलों के शुल्क, 37.93 करोड़ का सरचार्ज व ब्याज माफ करने का प्रस्ताव पास कर दिया। अब ग्रामीणों को सिर्फ एक साल का पानी का बिल देना होगा।
20 रुपये के हिसाब से अनुसूचित जाति के परिवारों को 240 रुपये और अन्य जाति के परिवारों को 40 रुपये के हिसाब से 480 रुपये देने होंगे। इसके लिए भी हरियाणा सरकार ने प्रावधान किया है कि उपभोक्ता एकमुश्त या दो-दो महीने का भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, यह छूट जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थागत, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए लागू नहीं होगी। सीएम ने पानी बिल माफ करने की घोषणा महेंद्रगढ़ के अटेली मंडी में आयोजित जनसंवाद में की थी।
संरक्षित वन क्षेत्रों में कर सकेंगे ट्रैकिंग व होम स्टे
बैठक में संरक्षित वन क्षेत्र में इको टूरिज्म की नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत वन विभाग संरक्षित वन क्षेत्रों में ट्रैकिंग, नेचर कैंप, होम स्टे, एजुकेशन टूर, बर्ड वॉचिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वाइल्ड लाइफ व्यू जैसी गतिविधियां आयोजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की योजनाएं लागू नहीं हो पा रही थीं। इसलिए वन विभाग ने अपने क्षेत्रों में इको टूरिज्म नीति लागू करने का फैसला लिया है। इस इको टूरिज्म नीति में दो राष्ट्रीय उद्यान, सात वन्यजीव अभयारण्य, दो रामसर स्थल, दो संरक्षित रिजर्व और पांच सामुदायिक रिजर्व और पुरानी अरावली पहाड़ी शृंखला, शिवालिक पहाड़ियां शामिल हैं।
दुर्लभ बीमारियों के एक हजार पीड़ितों को हर महीने मिलेंगे तीन हजार
मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति-2021 में आने वाली 55 बीमारियों से पीड़ितों को वित्तीय सहायता देने की योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में इन बीमारियों से करीब एक हजार लोग पीड़ित हैं। अगर इन पीड़ितों को कोई दूसरी सामाजिक पेंशन या मासिक सहायता मिल रही होगी तब भी इन्हें तीन हजार रुपये मिलते रहेंगे। बाकी सामाजिक पेंशन में यह नीति लागू नहीं होती। इससे सरकार पर हर साल 27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
परीक्षा और परिणाम लेने पर नहीं लगाई हाईकोर्ट ने रोक: सीएम
आर्थिक सामाजिक अंकों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप-सी की भर्ती तय समय पर पूरी होगी। हाईकोर्ट ने परीक्षा और परिणाम जारी करने पर रोक नहीं लगाई है। हाईकोर्ट ने स्क्रीनिंग परीक्षा में 2.5 अंकों पर सवाल उठाया है। ग्रुप सी में पहले संयुक्त परीक्षा हुई थी। उसमें 3.25 लाख अभ्यर्थी पास हुए थे। इसमें पांच अंक आर्थिक-सामाजिक आधार पर मिले थे, अब जो स्क्रीनिंग परीक्षाएं होंगी, उसमें 2.5 अंक देने का प्रावधान है। आयोग लगातार ग्रुपों की परीक्षा ले रहा है, जल्द अन्य ग्रुपों की परीक्षा भी ली जाएगी और परिणाम भी जारी किए जाएंगे।
इन फैसलों को भी मिली मंजूरी
- परिवहन निरीक्षकों को चालान करने की शक्तियां देने को मंजूरी दी गई। वर्तमान में राज्य में परिवहन निरीक्षकों के 114 पद हैं, परिवहन विभाग में मुख्य रूप से 66 अधिकारियों को पहले ही प्रवर्तन ड्यूटी पर तैनात किया गया है। ये प्रवर्तन अधिकारी 22 डीटीओ-सह-सचिव आरटीए, 22 मोटर वाहन अधिकारी (प्रवर्तन) और 7 सहायक सचिव स्तर तक के अधिकारी से अतिरिक्त होंगे। हालांकि इसके लिए संबंधित डीटीओ-सह-सचिव आरटीए व परिवहन आयुक्त की मंजूरी जरूरी होगी।
- सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों को सेवानिवृत्ति के बाद दो लाख रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी गई।
- चीफ वाइल्ड लाइफ के पद पर अब सीधे आईएफएस लग सकेंगे। केंद्र सरकार के नियमों के आधार पर यह परिर्वतन किया गया है।
- हरियाणा राज्य वन कार्यकारी सेवा नियमों में संशोधन के मुताबिक अब सीधी भर्ती और पदोन्नत वन रेंजरों का अनुपात 50:50 होगा। वर्तमान में यह अनुपात 67:33 है। वर्तमान में विभाग में वन रेंजरों के 126 पद हैं, जिनमें से 67 प्रतिशत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग सीधी भर्ती से भरता है। 33 प्रतिशत पर डिप्टी रेंजरों से पदोन्नति द्वारा नियुक्ति की जाती है।