पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं को लगा जोर का झटका, दरों में हुआ इजाफा, अप्रैल से होगी वसूली
पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं को कैप्टन सरकार ने एक बार फिर से झटका दिया है। फ्यूल कोस्ट ऐडजस्टमेंट (एफसीए) सरचार्ज के नाम पर राज्य में बिजली की दरों में पांच पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है।
पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन चंडीगढ़ की ओर से जारी इस आदेश को पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) ने अपने सभी कैटेगरी के लाखों उपभोक्ताओं के लिए लागू कर दिया है। अक्तूबर के बिल अब उपभोक्ताओं को बढ़े रेट के मुताबिक मिलेंगे।
दरअसल पावरकॉम ने वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए रेगुलेटरी कमीशन को पत्र लिखकर पंजाब में बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग की थी। पावरकाम ने बढ़ते खर्चों के साथ-साथ कुछ कैटेगरी को रियायती या मुफ्त बिजली देने के बदले पंजाब सरकार से मिलने वाले सब्सिडी के करोड़ों रुपये की अदायगी न होने का हवाला दिया था।
कमीशन ने इस पर गौर करते हुए एफसीए सरचार्ज के नाम पर पंजाब में पांच पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। जिसे पावरकॉम ने अब अपने सभी तरह के लाखों उपभोक्ताओं पर लागू कर दिया है।
खास बात यह है कि यह बढ़ी दरें अप्रैल 2019 से लागू की गई हैं। अक्तूबर महीने से उपभोक्ताओं को बढ़ी दरों के हिसाब से बिल वसूले जाएंगे। अप्रैल से अब तक की रिकवरी आने वाले 3 से 4 महीनों में पावरकॉम करेगा।
कई बार दरों में इजाफे से कैप्टन सरकार के खिलाफ रोष
यहां गौरतलब है कि पावरकाम ने एफसीए सरचार्ज बिजली बिलों में मई 2015 से लगाया था। यह सरचार्ज कोयले की कीमतों और बिजली खरीद के रेटों में बढ़ोतरी के मद्देनजर लागू किया था। ताकि ये बढ़े रेट उपभोक्ताओं से वसूले जा सकें। कैप्टन सरकार अब तक के अपने कार्यकाल में कई बार बिजली दरों में इजाफा कर चुकी है, जिससे लोगों में काफी रोष है।
बिजली के बढ़े बिलों से लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जबकि पड़ोसी राज्यों में पंजाब की तुलना में बिजली सस्ती है। पावरकॉम के मुताबिक एक अप्रैल 2019 से 30 जून 2019 तक यानी तीन महीने के बिल मीटर लगे लोगों से पांच पैसे प्रति यूनिट की दर से सरचार्ज 31 दिसंबर 2019 तक वसूले जाएंगे। जुलाई माह से आगे का सरचार्ज अगले वर्ष वसूला जाएगा।