भूपेंद्र हुड्डा ने मांगा सरकार का इस्तीफा, एमपीएचडब्ल्यू की भर्ती में लगाया घोटाले का आरोप
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार से इस्तीफा मांगा है। हुड्डा ने एमपीएचडब्ल्यू की भर्ती में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में पास अभ्यर्थियों का रिजल्ट वाली सूची में नाम ही नहीं। प्रदेश में नौकरियां बिक रही हैं। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
राजभवन में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को बिगड़ती कानून व्यवस्था, राफेल डील, महंगाई व बाजरा की खरीद इत्यादि मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने के बाद हुड्डा आक्रामक दिखे। उन्होंने कानून व्यवस्था खराब होने सहित अनेक मुद्दों पर सरकार का इस्तीफा मांगा डाला। हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राफेल सौदे पर जेपीसी का गठन किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो। राज्य में भय का वातावरण है। हर रोज हो रही हत्याओं, बलात्कार, अपहरण की घटनाओं ने जन मानस को हिला कर रख दिया है।
प्रदेश चलाना अब सरकार के बस की बात नहीं, इसलिए सरकार में शामिल लोगों को इस्तीफा दे देना चाहिए। हुड्डा ने कहा, जब तक केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में नहीं लाती, राज्य सरकार को वैट कम कर लोगों को राहत देनी चाहिए। खाद व कृषि उपकरणों पर सरकार टैक्स माफ करे। गन्ना उत्पादक किसान अपने बकाए के लिए कई दिनों से धरने पर हैं, लेकिन सरकार अपनी ही धुन में मस्त है।
बाजरे की खरीद पर अब भी शर्तें थोपी हुई हैं, जो नाजायज हैं। किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाए और खरीद के ज्यादा केंद्र बनाएं जाएं ताकि किसी किसान को परेशानी न हो। हरियाणा सरकार ने स्टांप ड्यूटी बढ़ा कर गलत काम किया है। सरकार की गई बढ़ोतरी को वापस ले। उखेड़ा और सफेद मक्खी रोग के चलते दादरी, भिवानी, हिसार, जींद, फतेहाबाद व सिरसा जिलों में हजारों एकड़ में नरमा ( कपास ) बर्बाद हो गया है।
दस लाख इलेक्ट्रानिक मीटर खरीद में घोटाले की साजिश
उसकी स्पेशल गिरदावरी करके सभी प्रभावित किसानों को कम से कम 40 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। हुड्डा ने कहा कि दिसंबर के अंत में वह जनक्रांति रैली करेंगे। तब तक जनक्रांति यात्रा प्रदेश में जारी रहेगी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। एसवाईएल के निर्माण में देरी के लिए इनेलो-भाजपा जिम्मेदार हैं। सीएम इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय तक नहीं ले पाए।
विधायक कुलदीप शर्मा ने कहा कि सरकार ने बिजली के रेट में कटौती पर जनता को गुमराह किया है। रोजाना दो घंटे बिजली खर्च करने वाला व्यक्ति ही पचास यूनिट पर मिलने वाली छूट पा सकता है। यानी उसे 25 दिन तक दो घंटे बिजली इस्तेमाल करनी होगी। कुलदीप ने आरोप लगाया कि सरकार दस लाख इलेक्ट्रोनिक बिजली मीटर की खरीद में घोटाले की साजिश रच रही है।
इसका जल्दी खुलासा करेंगे। करण दलाल ने कहा कि बिजली निगमों में बिजली खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले की वह जल्दी परतें खोलने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने पूर्व हुड्डा सरकार की तुलना बिजली के रेट में बढ़ोतरी की है। हाल में बिजली की दरों में दी गई छूट का नए इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने वालों और नॉन डिफाल्टर को ही मिलेगा।