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बजट सत्र से पहले और 3 लाख किसानों का कर्ज होगा माफ: अमरिदर सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:57 AM IST
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- फोटो : File Photo
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कृषि खपतकारों को बिजली के लिए सीधा लाभ देने (डीबीटीई) संबंधी पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के फैसले को लेकर विरोधियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे के रद्द करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के तहत न तो किसानों पर किसी तरह का दबाव डाला जाएगा और न ही उन्हें इसके लिए किसी तरह की अदायगी करनी पड़ेगी।
सूबे में भूजल के गिरते स्तर की गंभीर समस्या के मद्देनजर इस प्रोजेक्ट का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पार्टियों द्वारा किसानों के बीच यह कोरा झूठ फैलाया जा रहा है लेकिन किसी भी सरकारी से सरकार खेती के लिए बिजली खपत की वसूली नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सीधा लाभ देने का फैसला भूजल के गिरते स्तर की समस्या का हल खोजने के संदर्भ में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने आगामी बजट सत्र से पहले और तीन लाख किसानों का कृषि कर्ज माफ करने का एलान भी किया। कृषि ट्यूबवेलों संबंधी पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही पैसा सीधा किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा ताकि वे इस पैसे से अपने बिजली बिल अदा कर सकें। उन्होंने कहा कि इसमें से जो भी पैसा किसान बचा लेंगे, वह उन किसानों की जेब में चला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को पानी का कम से कम उपयोग करके भूजल बचाने के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि यदि पानी के संकट को प्राथमिकता के आधार पर हल ना किया गया तो पंजाब को भविष्य में गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
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ऐसे काम करेगी यह योजना
मुख्यमंत्री ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यदि एक किसान वार्षिक 50 हजार रुपये की कृषि बिजली खपत कर लेता है तो उसे इसकी प्रत्यक्ष अदायगी की जाएगी। यदि किसान कम खपत द्वारा बिजली बिल की बचत कर लेता है तो भी शेष राशि किसान की जेब में जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने का उद्देश्य बिजली बचाना नहीं है क्योंकि बिजली पहले ही सरपल्स है बल्कि इसका उद्देश्य भूजल के बहुमूल्य स्त्रोत को बचाना है जो बर्बादी के कगार पर है।
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सूबे में भूजल के गिरते स्तर की गंभीर समस्या के मद्देनजर इस प्रोजेक्ट का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पार्टियों द्वारा किसानों के बीच यह कोरा झूठ फैलाया जा रहा है लेकिन किसी भी सरकारी से सरकार खेती के लिए बिजली खपत की वसूली नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सीधा लाभ देने का फैसला भूजल के गिरते स्तर की समस्या का हल खोजने के संदर्भ में लिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने आगामी बजट सत्र से पहले और तीन लाख किसानों का कृषि कर्ज माफ करने का एलान भी किया। कृषि ट्यूबवेलों संबंधी पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही पैसा सीधा किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा ताकि वे इस पैसे से अपने बिजली बिल अदा कर सकें। उन्होंने कहा कि इसमें से जो भी पैसा किसान बचा लेंगे, वह उन किसानों की जेब में चला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को पानी का कम से कम उपयोग करके भूजल बचाने के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि यदि पानी के संकट को प्राथमिकता के आधार पर हल ना किया गया तो पंजाब को भविष्य में गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
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ऐसे काम करेगी यह योजना
मुख्यमंत्री ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यदि एक किसान वार्षिक 50 हजार रुपये की कृषि बिजली खपत कर लेता है तो उसे इसकी प्रत्यक्ष अदायगी की जाएगी। यदि किसान कम खपत द्वारा बिजली बिल की बचत कर लेता है तो भी शेष राशि किसान की जेब में जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने का उद्देश्य बिजली बचाना नहीं है क्योंकि बिजली पहले ही सरपल्स है बल्कि इसका उद्देश्य भूजल के बहुमूल्य स्त्रोत को बचाना है जो बर्बादी के कगार पर है।