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बठिंडा हत्याकांड: हमलावरों ने हत्या से पहले की थी रेकी, आसानी से भाग सकें; इसलिए चुना 4.35 का समय, उठ रहे सवाल
Thu, 13 Apr 2023 10:01 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बठिंडा
अमर उजाला नेटवर्क, बठिंडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 13 Apr 2023 10:01 AM IST
सार
बठिंडा हत्याकांड की जांच में सामने आया है कि जिन आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया, उन्होंने पहले पूरी रेकी की थी। इसके बाद ही उन्होंने हत्या के लिए सुबह 4:35 बजे का समय चुना, जिस समय जवान सो रहे थे। हत्यारे जिस तरह हत्या के बाद जंगल की तरफ फरार हो गए, उससे भी आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी।
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बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बठिंडा स्थित सेना की छावनी में ऑफिसर मेस के पास 80 मीडियम रेजिमेंट की आर्टिलरी यूनिट की बैरक में सो रहे चार जवानों की हत्या करने वाले हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश में सेना ने देर शाम तक कैंट एरिया के जंगल में सर्च अभियान जारी रखा।
जांच में सामने आया है कि जिन आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया, उन्होंने पहले पूरी रेकी की थी। इसके बाद ही उन्होंने हत्या के लिए सुबह 4:35 बजे का समय चुना, जिस समय जवान सो रहे थे। हत्यारे जिस तरह हत्या के बाद जंगल की तरफ फरार हो गए, उससे भी आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी।
हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से तलाश के बावजूद हत्यारे हाथ नहीं आए। पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार आरोपी जंगल में ही छिपे हो सकते हैं। हत्या के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति का हथियार लेकर कैंट क्षेत्र में दाखिल होना नामुमकिन है।
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इस घटना को दो दिन पहले राइफल और कारतूस चोरी होने की घटना से जोड़ कर देखा जा रहा है। जिन दो आरोपियों के हुलिये के बारे में एफआईआर में जिक्र किया गया है, उससे संभावना है कि दोनों आरोपी अंदर से ही हो सकते हैं।
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जांच में सामने आया है कि जिन आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया, उन्होंने पहले पूरी रेकी की थी। इसके बाद ही उन्होंने हत्या के लिए सुबह 4:35 बजे का समय चुना, जिस समय जवान सो रहे थे। हत्यारे जिस तरह हत्या के बाद जंगल की तरफ फरार हो गए, उससे भी आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी।
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हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से तलाश के बावजूद हत्यारे हाथ नहीं आए। पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार आरोपी जंगल में ही छिपे हो सकते हैं। हत्या के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति का हथियार लेकर कैंट क्षेत्र में दाखिल होना नामुमकिन है।
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इस घटना को दो दिन पहले राइफल और कारतूस चोरी होने की घटना से जोड़ कर देखा जा रहा है। जिन दो आरोपियों के हुलिये के बारे में एफआईआर में जिक्र किया गया है, उससे संभावना है कि दोनों आरोपी अंदर से ही हो सकते हैं।
चारों को तीन-तीन से ज्यादा गोलियां लगी
बुधवार देर शाम को सिविल अस्पताल में चारों जवानों का डॉक्टर दीप रत्न ने पोस्टमार्टम किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों अनुसार चारों सैनिकों को तीन तीन से ज्यादा गोलियां उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लगी हैं। चारों सैनिकों की करीब तीन से चार साल की सर्विस बताई जा रही है। दो का जन्म 1999 और दो का जन्म 1998 में हुआ है।
बुधवार देर शाम को सिविल अस्पताल में चारों जवानों का डॉक्टर दीप रत्न ने पोस्टमार्टम किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों अनुसार चारों सैनिकों को तीन तीन से ज्यादा गोलियां उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लगी हैं। चारों सैनिकों की करीब तीन से चार साल की सर्विस बताई जा रही है। दो का जन्म 1999 और दो का जन्म 1998 में हुआ है।
प्रशिक्षित व्यक्ति ही चला सकता है इंसास राइफल
बठिंडा सैन्य छावनी में चार जवानों की हत्या में इंसास राइफल का इस्तेमाल हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस राइफल को प्रशिक्षित व्यक्ति ही चला सकता है। यह राइफल ज्यादातर सेना के जवानों के पास ही होती है। इससे संभावना जताई जा रही है कि हत्या करने वाले अंदर से ही हैं, जिन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया।
बठिंडा सैन्य छावनी में चार जवानों की हत्या में इंसास राइफल का इस्तेमाल हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस राइफल को प्रशिक्षित व्यक्ति ही चला सकता है। यह राइफल ज्यादातर सेना के जवानों के पास ही होती है। इससे संभावना जताई जा रही है कि हत्या करने वाले अंदर से ही हैं, जिन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया।
तीन दिन पहले कैंट के जंगल से मिला था शव
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि तीन दिन पहले कैंट के जंगलों से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था, लेकिन इस बारे में पंजाब पुलिस और सेना के किसी अधिकारी ने कोई पुष्टि नहीं की है। हालांकि उक्त मृत भी सेना से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि तीन दिन पहले कैंट के जंगलों से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था, लेकिन इस बारे में पंजाब पुलिस और सेना के किसी अधिकारी ने कोई पुष्टि नहीं की है। हालांकि उक्त मृत भी सेना से जुड़ा बताया जा रहा है।
कैंट के अंदर फायरिंग की खबर सुनते ही लोगों में दहशत का माहौल
वहीं, बुधवार सुबह कैंट के अंदर हुई फायरिंग में चार जवानों के जान गंवाने की खबर जैसे ही लोगों तक पहुंची तो शहर समेत पूरे जिले के लोगों में दहशत देखने को मिली। इस घटना के बाद दिन भर तरह-तरह की अफवाहें लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। कैंट में हुई घटना के बाद लोग लगातार अपने दोस्तों और अपनों से फोन पर पूछते हुए नजर आए कि कैंट में आखिर फायरिंग कैसे और क्यों हुई।
वहीं, बुधवार सुबह कैंट के अंदर हुई फायरिंग में चार जवानों के जान गंवाने की खबर जैसे ही लोगों तक पहुंची तो शहर समेत पूरे जिले के लोगों में दहशत देखने को मिली। इस घटना के बाद दिन भर तरह-तरह की अफवाहें लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। कैंट में हुई घटना के बाद लोग लगातार अपने दोस्तों और अपनों से फोन पर पूछते हुए नजर आए कि कैंट में आखिर फायरिंग कैसे और क्यों हुई।
वहीं 13 अप्रैल को कैंट से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित तलवंडी साबो में स्थित दमदमा साहिब में वैसाखी मौके पर लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद होती है लेकिन एक दिन पहले ऐसी बड़ी घटना होने से लोगों में घबराहट पैदा हो गई। हालांकि कैंट अधिकारियों द्वारा अधिकारिक तौर पर अभी किसी भी तरह की कोई पुष्टि नहीं की गई कि उक्त घटना के पीछे क्या कारण है। उक्त घटना के बाद पंजाब पुलिस के एसपी, डीएसपी ने कैंट के अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन कैंट अधिकारियों ने उन्हें काफी देर तक अंदर नहीं जाने दिया। जब कुछ घंटे के बाद पंजाब पुलिस के अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति मिली तो उनके फोन बाहर रखवा लिए गए।
घटना के बाद सख्त नाकाबंदी
उक्त घटना के बाद कैंट एरिया को जाने वाले सभी रास्तों पर सेना ने नाकाबंदी कर दी और इसके अलावा पंजाब पुलिस कर्मियों ने भी कैंट को जाने वाले रास्ते पर नाकाबंदी कर दी थी। उक्त घटना की जांच के लिए पंजाब पुलिस की ओर से एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना, एसपीडी अजय गांधी और डीएसपी सिटी 2 पुलिस पार्टी के साथ कैंट में पहुंचे थे।
उक्त घटना के बाद कैंट एरिया को जाने वाले सभी रास्तों पर सेना ने नाकाबंदी कर दी और इसके अलावा पंजाब पुलिस कर्मियों ने भी कैंट को जाने वाले रास्ते पर नाकाबंदी कर दी थी। उक्त घटना की जांच के लिए पंजाब पुलिस की ओर से एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना, एसपीडी अजय गांधी और डीएसपी सिटी 2 पुलिस पार्टी के साथ कैंट में पहुंचे थे।