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चंडीगढ़ के दफ्तरों में कर्मचारियों के साथ बैठकर लंच करने पर पाबंदी, टी ब्रेक में भी जरूरी होगा मास्क
Tue, 07 Jul 2020 12:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2020 12:17 PM IST
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ऑफिस में लंच
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में अचानक बढ़े कोरोना के मामलों के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने आदेश जारी कर सभी सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों में कर्मचारियों के एक साथ कैंटीन व ऑफिस रूम में बैठकर लंच करने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा टी ब्रेक के दौरान भी कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने व मास्क पहनने के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर में एकाएक बढ़े कोरोना के मामलों को लेकर चिंता जाहिर की गई। प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की गंभीरता से ट्रेसिंग की जाए। शहर में बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्त्रस्ीनिंग की जाए ताकि संक्रमण न फैले।
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तरफ से ऐसे मरीजों को भी भेजा जा रहा है जिनका इलाज जिला स्तर के अस्पतालों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पीजीआई में मरीजों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रशासक ने स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिए कि वह इस मामले को पड़ोसी राज्यों के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएं ताकि इसका समाधान किया जा सके।
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प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर में एकाएक बढ़े कोरोना के मामलों को लेकर चिंता जाहिर की गई। प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की गंभीरता से ट्रेसिंग की जाए। शहर में बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्त्रस्ीनिंग की जाए ताकि संक्रमण न फैले।
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बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तरफ से ऐसे मरीजों को भी भेजा जा रहा है जिनका इलाज जिला स्तर के अस्पतालों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पीजीआई में मरीजों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रशासक ने स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिए कि वह इस मामले को पड़ोसी राज्यों के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएं ताकि इसका समाधान किया जा सके।
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दफ्तरों में कम से कम लोगों को बुलाया जाए: बदनौर
बीते दिनों मास्क नहीं पहनने वालों के काटे गए चालान और बरती गई सख्ती को लेकर प्रशासक बदनौर ने संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि कोरोनाको रोकना है तो इसमें लोगों को भी अपनी सहभागिता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क जरूर पहनना होगा और वेबजह बाहर घूमने से बचना होगा।
वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का खास ध्यान रखें। बदनौर ने सभी सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों से अपील की है कि इन दिनों कम से कम स्टाफ को ऑफिस बुलाया जाए। कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें बाहर निकलना न पड़े।
कॉलेज व दफ्तरों के टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ को घर बैठने के आदेश
सेक्टर-9 स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तर में फैले कोरोना वायरस को देखने के बाद प्रशासक ने यह आदेश जारी किए हैं कि शहर के विभिन्न कॉलेजों व दफ्तरों में टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया न जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में ही टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टॉफ को बुलाया जाए।
प्रशासक के इस फैसले से शहर के सरकारी स्कूलों में रोजाना ड्यूटी पर जा रहे टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ चिंतित हैं, क्योंकि प्रशासन के आदेशों में स्कूलों के स्टाफ का जिक्र नहीं है। शिक्षा विभाग ने भी इस स्थिति को अभी तक स्पष्ट नहीं किया है।
वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का खास ध्यान रखें। बदनौर ने सभी सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों से अपील की है कि इन दिनों कम से कम स्टाफ को ऑफिस बुलाया जाए। कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें बाहर निकलना न पड़े।
कॉलेज व दफ्तरों के टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ को घर बैठने के आदेश
सेक्टर-9 स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तर में फैले कोरोना वायरस को देखने के बाद प्रशासक ने यह आदेश जारी किए हैं कि शहर के विभिन्न कॉलेजों व दफ्तरों में टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया न जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में ही टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टॉफ को बुलाया जाए।
प्रशासक के इस फैसले से शहर के सरकारी स्कूलों में रोजाना ड्यूटी पर जा रहे टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ चिंतित हैं, क्योंकि प्रशासन के आदेशों में स्कूलों के स्टाफ का जिक्र नहीं है। शिक्षा विभाग ने भी इस स्थिति को अभी तक स्पष्ट नहीं किया है।