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टीके पर तकरार: निजी अस्पतालों को वैक्सीन देने वाली केंद्र सरकार की नई नीति पर पंजाब ने जताई आपत्ति
Thu, 10 Jun 2021 02:51 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 10 Jun 2021 02:51 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने हाल ही में निजी अस्पतालों में कोरोना के टीके के दाम तय कर दिए हैं। पंजाब सरकार ने इसे बिना सूझबूझ और देरी से लिया गया फैसला बताया। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने राज्य द्वारा वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार को किया गया सारा भुगतान वापस करने की मांग की।
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पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
निजी अस्पतालों को दी जाने वाली वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार की नई नीति पर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने आपत्ति प्रकट की है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि निजी अस्पताल में कोविड टीकों की कीमतों को तय करने का केंद्र सरकार का फैसला बिना सूझबूझ से और बहुत देरी से लिया गया है।
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उन्होंने कहा कि वैक्सीन का अब तक किया गया भुगतान केंद्र को वापस करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के पास खरीद के लिए केंद्र सरकार की तरह एकाधिकारी नहीं है, जो देश की समूह आबादी के लिए उपयुक्त कीमत पर टीकों की खरीद के लिए बातचीत से समझौता कर सकतीं हैं।
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भारत सरकार कोविशील्ड वैक्सीन 150 रुपए प्रति खुराक के हिसाब से प्राप्त कर रही थी, जबकि राज्य सरकार को इसके लिए जीएसटी समेत 315 रुपये अदा करने पड़ रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को निजी संस्थाओं को दिया गया 25 प्रतिशत कोटा खत्म करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी टीके और दवा की कीमत तय करना केंद्र सरकार के दायरे में आता है और निजी अस्पतालों में टीकों की कीमतें निर्धारित करने संबंधी नए निर्देश सभी डिप्टी कमिश्नरों और सिविल सर्जनों को जारी किए गए हैं।
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