{"_id":"6ac6ac19613d9f6bff049dff","slug":"bail-denied-to-woman-accused-in-panchkula-municipal-corporation-financial-scam-chandigarh-news-c-16-1-pkl1098-1143261-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पंचकूला नगर निगम के वित्तीय घोटाले में आरोपी महिला को जमानत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पंचकूला नगर निगम के वित्तीय घोटाले में आरोपी महिला को जमानत नहीं
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा- सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराध गंभीर, जांच और बरामदगी के पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
सावधि जमा रसीदों में अनियमितता और बड़ी धनराशि के कथित गबन का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला नगर निगम की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में आरोपी महिला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले को सार्वजनिक धन से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध माना। साथ ही कहा कि ऐसे मामलों में जमानत पर विचार करते समय आरोपों की प्रकृति, जांच की स्थिति और धन की संभावित बरामदगी जैसे पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैंक खातों और एफडीआर की जांच
मामला पंचकूला नगर निगम की विभिन्न सावधि जमा रसीदों से जुड़ा है। आरोप है कि निगम के धन को बैंकिंग प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए ऐसे खातों और लेनदेन के माध्यम से संचालित किया गया, जिनमें अनियमितताएं सामने आईं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रकरण में बड़ी धनराशि के कथित गबन और उसे अलग-अलग खातों में पहुंचाने के आरोप हैं। जांच के दौरान बैंक खातों, सावधि जमा रसीदों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
आर्थिक अपराध में बरामदगी भी अहम
बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए मामले की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर दलीलें दीं। हाईकोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य आपराधिक मामलों से अलग होते हैं, क्योंकि इनमें सार्वजनिक धन और वित्तीय व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में जांच की जरूरत और संभावित धन की बरामदगी को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अदालत ने इन परिस्थितियों को देखते हुए इस स्तर पर आरोपी महिला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सावधि जमा रसीदों में अनियमितता और बड़ी धनराशि के कथित गबन का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला नगर निगम की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में आरोपी महिला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले को सार्वजनिक धन से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध माना। साथ ही कहा कि ऐसे मामलों में जमानत पर विचार करते समय आरोपों की प्रकृति, जांच की स्थिति और धन की संभावित बरामदगी जैसे पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैंक खातों और एफडीआर की जांच
मामला पंचकूला नगर निगम की विभिन्न सावधि जमा रसीदों से जुड़ा है। आरोप है कि निगम के धन को बैंकिंग प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए ऐसे खातों और लेनदेन के माध्यम से संचालित किया गया, जिनमें अनियमितताएं सामने आईं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रकरण में बड़ी धनराशि के कथित गबन और उसे अलग-अलग खातों में पहुंचाने के आरोप हैं। जांच के दौरान बैंक खातों, सावधि जमा रसीदों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध में बरामदगी भी अहम
बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए मामले की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर दलीलें दीं। हाईकोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य आपराधिक मामलों से अलग होते हैं, क्योंकि इनमें सार्वजनिक धन और वित्तीय व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में जांच की जरूरत और संभावित धन की बरामदगी को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अदालत ने इन परिस्थितियों को देखते हुए इस स्तर पर आरोपी महिला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन