'तख्त श्री हजूर साहिब मामले में दखल दें मोदी'
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार की ओर से तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड में एसजीपीसी का प्रतिनिधित्व कम करने के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। बादल ने मोदी से निजी दखल देने की मांग करते कहा कि बोर्ड में एसजीपीसी के सदस्यों की संख्या चार से घटाकर एक करने के अलावा महाराष्ट्र सरकार ने चीफ खालसा दीवान के प्रतिनिधित्व को पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला किया है। इसे रोका जाना चाहिए।
कैबिनेट बैठक के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वह जाते-जाते सिख पंथ पर हमले कर रही हैं। पहले हरियाणा ने एचएसजीएमसी बनाकर ऐसा किया और अब महाराष्ट्र सरकार भी विधानसभा चुनाव से पहले उसी राह पर है। कांग्रेस का यह कदम देश के माहौल को खराब करने की साजिश है। इसे रुकवाने के लिए वह प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से निजी तौर पर भी मिलेंगे। सिख पंथ पर कांग्रेस के लगातार हो रहे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
बोले, कांग्रेसी सरकारें कर रही हैं सिख मामलों में दखलंदाजी
बादल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के इस घातक कदम को रोकने के लिए भारत सरकार को तत्काल इंतजाम करने चाहिए। बादल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि तख्त श्री हजूर साहिब सिखों के पांच उच्च धार्मिक स्थानों में एक है।
इन तख्तों से सिख अपनी आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त कर रहे हैं। इस गुरुद्वारा साहिब को सिख विरोधी गतिविधियों से मुक्त करवाने के लिए सिख भाईचारे की मांग पर तख्त श्री हजूर अबचल नगर साहिब बोर्ड नांदेड़ एक्ट, 1956 के तहत, प्रबंधकीय बोर्ड की स्थापना की गई थी। 58 वर्ष से प्रबंध शांतिपूर्ण चल रहे हैं, इसमें तबदीली की कभी भी जरूरत महसूस नहीं हुई।
अब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो हरियाणा की तरह ही वहां पर भी कांग्रेस ने सिखों के धार्मिक मामलों में दखलंदाजी के जरिए सिख पंथ को कमजोर करने की अपनी असफल कोशिशों को और एक कदम आगे बढ़ाया है। इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।