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ऑटो चालकों के लिए बुरी खबर, हाईकोर्ट ने सुनाया सख्त फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:38 PM IST
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हजारों ऑटो चालकों के लिए बहुत बुरी खबर है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने ऑटो रिक्शा को लेकर सख्त फरमान सुनाया है। इसके तहत पंजाब में डीजल ऑटो रिक्शा को दिए गए मैक्सी कैब परमिट रद्द होंगे। हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन की बेंच ने पंजाब सरकार को एक महीने में परमिट रद्द करने को कहा है और नया कोई भी परमिट न देने का निर्देश दिया है। नए ऑटो रिक्शा के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक बेंच ने हटा दी है।
लुधियाना ऑटो एसोसिएशन ने एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से याचिका में कहा था कि बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर हाईकोर्ट ने सरकार को डीजल ऑटो के संचालन और परमिट देने पर रोक लगा दी थी। लेकिन सरकार ने डीजल ऑटो रिक्शा को राज्यभर के लिए दिए जाने वाले मैक्सी कैब परमिट देने शुरू कर दिए थे। याचिका में कहा था कि जिला स्तरीय परमिट 10 किलोमीटर तक के संचालन के लिए दिए जाते थे, लेकिन मैक्सी कैब परमिट पूरे प्रदेश के लिए दिए जाने लगे।
ऐसे में लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में चलने वाले अन्य ऑटो रिक्शा चालकों के कारोबार पर कुप्रभाव पड़ने लगा था। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने नए मैक्सी कैब परमिट देने पर रोक लगाने के साथ-साथ पंजीकरण पर भी रोक लगा दी थी। याचिका में कहा था कि एक कंपनी विशेष के ऑटो को लाभ पहुंचाने के लिए मैक्सी कैब परमिट दिए गए। कंपनी ने रजिस्ट्रेशन से रोक हटाने की मांग की थी।
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याचिका पर स्टेट ट्रांस्पोर्ट कमिशनर (एसटीसी) से जवाब मांगा गया था और अब एसटीसी हरमेल सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि लुधियाना के डीटीओ से गलती हो गई। मैक्सी कैब परमिट देने पर भी गलती मानी गई। इस पर हाईकोर्ट ने अब तक दिए गए मैक्सी कैब परमिट एक महीने में रद्द करने का निर्देश देते हुए पंजीकरण से रोक हटा ली है।
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लुधियाना ऑटो एसोसिएशन ने एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से याचिका में कहा था कि बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर हाईकोर्ट ने सरकार को डीजल ऑटो के संचालन और परमिट देने पर रोक लगा दी थी। लेकिन सरकार ने डीजल ऑटो रिक्शा को राज्यभर के लिए दिए जाने वाले मैक्सी कैब परमिट देने शुरू कर दिए थे। याचिका में कहा था कि जिला स्तरीय परमिट 10 किलोमीटर तक के संचालन के लिए दिए जाते थे, लेकिन मैक्सी कैब परमिट पूरे प्रदेश के लिए दिए जाने लगे।
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ऐसे में लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में चलने वाले अन्य ऑटो रिक्शा चालकों के कारोबार पर कुप्रभाव पड़ने लगा था। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने नए मैक्सी कैब परमिट देने पर रोक लगाने के साथ-साथ पंजीकरण पर भी रोक लगा दी थी। याचिका में कहा था कि एक कंपनी विशेष के ऑटो को लाभ पहुंचाने के लिए मैक्सी कैब परमिट दिए गए। कंपनी ने रजिस्ट्रेशन से रोक हटाने की मांग की थी।
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याचिका पर स्टेट ट्रांस्पोर्ट कमिशनर (एसटीसी) से जवाब मांगा गया था और अब एसटीसी हरमेल सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि लुधियाना के डीटीओ से गलती हो गई। मैक्सी कैब परमिट देने पर भी गलती मानी गई। इस पर हाईकोर्ट ने अब तक दिए गए मैक्सी कैब परमिट एक महीने में रद्द करने का निर्देश देते हुए पंजीकरण से रोक हटा ली है।