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मौजूदा समय में केवल 10 स्कूलों में बिजली-पानी की किल्लत : कंवरपाल

Wed, 06 Dec 2023 11:40 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:40 PM IST
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At present there is shortage of electricity and water in only 10 schools: Kanwarpal
15 दिसंबर को हाईकोर्ट में नया हलफनामा पेश करेगी हरियाणा सरकार
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चंडीगढ़। प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं करा पाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और विपक्षी दलों की ओर से किए जा रहे हमलों के बाद खुद स्कूल शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने मोर्चा संभाला है। शिक्षा मंत्री ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करके दावा किया कि स्कूलों में यह कमियां मई में दिए हलफनामे में थी। इसके बाद अभी तक की अवधि में शिक्षा विभाग की ओर से अधिकतर कमियों को दूर किया जा चुका है। बजट जारी कर शौचालयों का निर्माण करवाया चुका है। इस समय प्रदेश में सिर्फ छह ऐसे स्कूल हैं, जहां बिजली कनेक्शन लगना बाकी है और चार स्कूलों में पानी की सुविधा का इंतजाम होना है। इन 10 स्कूलों में जन सुविधाएं उपलब्ध कराने में कुछ कानूनी व तकनीकी पेंच हैं, इनको दूर करने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में 15 दिसंबर को नए सिरे से हलफनामा दायर करेगी, जिसमें बताया जाएगा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में जन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या है। मई में दिए हलफनामे में स्कूल शिक्षा विभाग ने हाई कोर्ट में स्वीकार किया था कि राज्य के 131 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। 236 स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। 538 स्कूलों में लड़कियों के शौचालय नहीं है और 1047 स्कूलों में लड़कों के शौचालय नहीं है। कोर्ट को बताया गया था कि छात्रों के लिए 8240 क्लासरूम की जरूरत है।




पांच लाख की बजाए 50 लाख रुपये जमा कराए

पिछली बार हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग पर पांच लाख रुपये बालकुंज के खाते में जमा कराने के आदेश दिए थे। शिक्षा मंत्री का कहना है कि अब बालकुंज की खाते में पांच लाख नहीं बल्कि 50 लाख रुपये की राशि जमा करवा दी गई है, जिससे बच्चों के विकास पर इसे इस्तेमाल किया जा सके। मंत्री ने कहा कि अभी तक अधिकतर कमियों को दूर किया जा चुका है। कमरों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसमें थोड़ा समय भी लग सकता है। कमरों के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
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