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पीयू सीनेट चुनाव के आदेश मिलते ही उम्मीदवारों ने ताकत झोंकी

Tue, 20 Jul 2021 02:36 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 02:36 AM IST
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As soon as the order for PU Senate elections was received, the candidates threw strength
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय हाईकोर्ट से सीनेट चुनाव करवाने के आदेश के बाद तैयारियों में जुट गया है। वहीं उम्मीदवारों ने भी प्रचार-प्रसार के लिए पूरी ताकत लगा दी है, क्योंकि उनके पास प्रचार के लिए समय कम बचा है। वहीं दूसरी ओर फैकल्टी चुनाव सबसे आखिर में होने के कारण दिग्गज तनाव में हैं। हालांकि उनके पास हर चीज की काट है।
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पीयू कैंपस में दस सीटों के लिए चुनाव होता है। फैकल्टी के लिए छह सीटें हैं। वहीं प्रोफेसर वर्ग की दो, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर वर्ग की भी दो सीटों के लिए चुनाव हैं। ये सीटें अपने में महत्वपूर्ण समझी जाती हैं और यह भी तय होता है कि इन दस सीटों पर जिस दल के सदस्यों का कब्जा होता है, उसी का सीनेट में दबदबा होता है। हालांकि इस बार माहौल अलग है, क्योंकि फैक्ल्टी का चुनाव सबसे आखिर में 23 अगस्त को कर दिया गया। इसका फर्क चुनाव के परिणाम पर पड़ सकता है, क्योंकि दिग्गज चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। कोई बैठकों का सहारा ले रहा है तो कोई मोबाइल के संदेशों का।
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सर्वाधिक मतदाता स्नातक वर्ग के
फैकल्टी वर्ग के चुनाव में छह सदस्य मैदान में हैं। एक तरफ कांग्रेस के दिग्गज तो दूसरी ओर भाजपा के। इन वर्ग के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन्हें चुनने के लिए 755 मतदाता होंगे। इसी तरह प्रोफेसर वर्ग की दो सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके लिए 279 मतदाता हैं। एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर की दो सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके लिए 439 लोग वोट डालेंगे। स्नातक वर्ग की 15 सीटों के लिए 43 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनका चुनाव 3.61 लाख लोग करेंगे। यह पीयू से स्नातक व परास्नातक करने वाले लोग हैं।
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शासन सुधार का प्रस्ताव मंजूर हुआ तो बदल सकता है नजारा
पीयू के जानकारों का कहना है कि पीयू शासन सुधार को बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी का प्रस्ताव चांसलर के पास गया हुआ है। यदि चांसलर ने इस बीच मंजूर कर दिया, तो चुनाव नए सिरे के मुताबिक भी हो सकते हैं। हालांकि इसकी संभावनाएं कम हैं, क्योंकि ऐसा होने से फिर मामला हाईकोर्ट में पहुंचेगा।
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