अरदास पर पाबंदी के बयान से भड़के अकाली, कैप्टन से पूछे तीखे सवाल
कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से सार्वजनिक स्थानों पर अरदास करने पर पाबंदी लगाने का समर्थन किए जाने पर शिरोमणि अकाली दल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
शिअद ने कैप्टन के इस समर्थन को सिख और पंथ विरोधी सोच करार दिया है। पार्टी का कहना है कि अरदास सिखों की आत्मा का स्वर है। ऐसा बयान जारी कर अमरिंदर ने एक गैर सिख व गैर पंथक होने का सबूत पेश किया है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री डॉक्टर दलजीत सिंह चीमा ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि कैप्टन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या कर सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
कांग्रेस के इतिहास में झांकने की दी सलाह
उन्होंने न केवल अकालियों बल्कि उन तमाम नेताओं पर भी उंगली उठाई है, जो कोई भी शुभ कार्य करने से पहले परमात्मा और वाहेगुरु से अरदास कर सफलता की कामना करते हैं।
चीमा ने कहा कि अमरिंदर के बयान से लगता है कि वह चुनाव आयोग से आचार संहिता लागू होने के बाद उम्मीदवारों के अरदास करने पर पाबंदी लगाने तक की मांग कर सकते हैं। यहां तक कि वह उम्मीदवारों की ओर से आयोजित करवाए जाने वाले अखंड पाठ पर भी पाबंदी लगाए जाने की सिफारिश भी कर सकते हैं।
चीमा ने कहा कि अमरिंदर मामले में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सिख विरोधी एजेंडे का प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने अमरिंदर से सवाल किया है कि वह खुद अरदास के खिलाफ हैं या फिर राहुल गांधी की भावनाएं लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। चीमा ने अमरिंदर को ऐसी बेतुकी बयानबाजी करने से पहले कांग्रेस के इतिहास में झांकने की सलाह दी है।