Chandigarh: पीजीआई के संगरूर सैटेलाइट सेंटर के लिए 341 पद मंजूर, पूरा हो चुका है भवन निर्माण कार्य
पीजीआई संगरूर सैटेलाइट सेंटर के निर्माण पर 449 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 300 बेड की व्यवस्था की गई है।
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चंडीगढ़ पीजीआई के संगरूर सैटेलाइट सेंटर के संचालन के लिए भारत सरकार ने 341 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दे दी है। इसमें 25 असिस्टेंट प्रोफेसर और लगभग 55 रेजीडेंट डॉक्टरों के पद शामिल हैं। यह स्वीकृति गुरुवार को प्रदान की गई है। डीडीए कुमार गौरव धवन ने बताया कि इसके आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
शुक्रवार को दिल्ली में उप सचिव भारत सरकार मनोहर अगनानी ने सैटेलाइट सेंटरों की समीक्षा बैठक कर उसकी प्रगति रिपोर्ट जांची। इसमें उन्होंने फिरोजपुर, ऊना और संगरूर सेंटर की डिटेल जानी।
कुमार गौरव ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने संगरूर सेंटर को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि सेंटर के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मरीजों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पद को भी स्वीकृति दे दी है। ऐसे में तैनाती की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर सुविधा शुरू करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि पीजीआई संगरूर सैटेलाइट सेंटर के निर्माण पर 449 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 300 बेड की व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए नई तकनीक से लैस आपरेशन थिएटर, सर्जरी रूम, आईसीयू वार्ड, इमरजेंसी, टेलीमेडिसिन सेंटर और अन्य उच्चस्तरीय सुविधा होंगी।
पीजीआई पर दबाव होगा कम
संगरूर सैटेलाइट सेंटर का संचालन शुरू होने से पीजीआई पर पंजाब से आने वाले रेफर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम होगा। बता दें कि पीजीआई में सबसे ज्यादा पंजाब के रेफर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश के मरीजों की संख्या काफी है। ऐसे में संस्थान चाह कर भी उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो पा रहा है। संस्थान की चिकित्सकीय गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने फिरोजपुर, ऊना और संगरूर में सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया था।