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वर्ल्ड चैंपियनशिप में शूटर अंकुर मित्तल ने जीता गोल्ड मेडल, इस मामले में बने देश के पहले खिलाड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Updated Sat, 08 Sep 2018 02:31 PM IST
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शूटर अंकुर मित्तल
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शूटर अंकुर मित्तल ने डबल ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इसी के साथ वो विश्व चैंपियनशिप में डबल ट्रैप में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा शनिवार को दक्षिण कोरिया के चंगवॉन में रचा। चीन के खिलाड़ी यियांग यांग ने दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक जीता। स्लोवाकिया के हबर्ट एंड्रज ओलेजनिक ने कांस्य पदक जीता है।
शूटर अंकुर मित्तल ऐसे शूटर बन गए है जो नेशनल, एशियन व वर्ल्ड तीनों रैंकिंग में एक साथ पहले नंबर पर जगह बनाए हुए है। डबल ट्रैप राइफल के शूटर अंकुर इससे पहले भी सितंबर 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रच चुके है। क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में आजतक देश का कोई भी शूटर डबल ट्रैप राइफल में रजत पदक नहीं जीत सका है।
सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अंकुर मित्तल ने 2010 में शूटिंग शुरू की तो उन्होंने एक ही सपना देखा था कि देश के लिए मेडल जीतकर शिखर पर पहुंचना है। उसका सपना पूरा होने की शुरूआत 2011 में हुई थी, जब उसने इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर कामयाबी के शिखर पर चढ़ते चले गए। इसके साथ ही अंकुर का शिखर पर पहुंचने का सपना भी केवल सात साल खेलने के साथ ही पूरा हो गया।
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अस्ताना में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंकुर ने गोल्ड जीता था। अंकुर के लिए इनसे भी अलग एक यह उपलब्धि इस समय है कि वह एशियन रैंकिंग में 3193 अंकों के साथ पहले नंबर पर चल रहा है तो नेशनल रैंकिंग में भी वह पहले नंबर पर छाया हुआ है। इस तरह अंकुर ने एक साथ तीनों रैंकिंग में पहले नंबर पर रहकर नया इतिहास रच दिया है।
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शूटर अंकुर मित्तल ऐसे शूटर बन गए है जो नेशनल, एशियन व वर्ल्ड तीनों रैंकिंग में एक साथ पहले नंबर पर जगह बनाए हुए है। डबल ट्रैप राइफल के शूटर अंकुर इससे पहले भी सितंबर 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रच चुके है। क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में आजतक देश का कोई भी शूटर डबल ट्रैप राइफल में रजत पदक नहीं जीत सका है।
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सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अंकुर मित्तल ने 2010 में शूटिंग शुरू की तो उन्होंने एक ही सपना देखा था कि देश के लिए मेडल जीतकर शिखर पर पहुंचना है। उसका सपना पूरा होने की शुरूआत 2011 में हुई थी, जब उसने इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर कामयाबी के शिखर पर चढ़ते चले गए। इसके साथ ही अंकुर का शिखर पर पहुंचने का सपना भी केवल सात साल खेलने के साथ ही पूरा हो गया।
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अस्ताना में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंकुर ने गोल्ड जीता था। अंकुर के लिए इनसे भी अलग एक यह उपलब्धि इस समय है कि वह एशियन रैंकिंग में 3193 अंकों के साथ पहले नंबर पर चल रहा है तो नेशनल रैंकिंग में भी वह पहले नंबर पर छाया हुआ है। इस तरह अंकुर ने एक साथ तीनों रैंकिंग में पहले नंबर पर रहकर नया इतिहास रच दिया है।