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एनिमल्स पार्क हादसा: पार्षदों ने पूछा- हादसा होने के बाद ही क्यों जागते हैं अफसर?

Wed, 25 Jan 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 25 Jan 2017 12:16 AM IST
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animal park incident, chandigarh sector 49
सेक्टर-49 के डायनासोर पार्क में हुई घटना - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-49 के वैली आफ एनिमल्स पार्क की वाटर बाडीज में डूबने से दो साल की बच्ची की मौत के मामले में पार्षदों ने रोष जाहिर किया है। पार्षदों ने कहा कि पहले अधिकारी कदम नहीं उठाते, जब हादसा हो जाता है तो जागते हैं। पार्षदों और अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाएगी जो शहर के अन्य स्थलों पर ऐसे खतरनाक पाउंड को देखकर उन्हें बंद करवाएगी।
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भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। शहर में इस तरह के अन्य वाटर पाउंड की जांच करवानी चाहिए। वार्ड पार्षद हीरा नेगी ने मृतक बच्ची के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम हादसे का इंतजार क्यों करते है जबकि पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि शहर में ऐसी कई स्थल है। उन्होंने गंदे पानी की सप्लाई पर कहा कि अधिकारी को अगर शाम को फोन करो तो वह अगले दिन ठीक कराने के लिए कहता  है जबकि गंदे पानी की सप्लाई की दिक्कत तुरंत दूर की जानी चाहिए।
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सेक्टर-32 डी में है खतरनाक गढ्ढा
भाजपा पार्षद गुरप्रीत ढिल्लों ने अपने एरिया के सेक्टर-32 डी में मार्केट के पीछे एक खुले गड्ढे का हवाला दिया। उसमें पानी भरा रहता है। इसके बीच में बिजली का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। ढिल्लो ने कहा कि यह ट्रांसफारम कभी भी गिर सकता है जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता है। इस पर चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यह दिक्कत दूर कर दी जाएगी।
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ऐसे स्थलों को ढूंढकर बंद करवाएगी कमेटी

animal park incident, chandigarh sector 49
बच्चे की मौत के बाद जागा प्रशासन - फोटो : अमर उजाला
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड का काम स्मार्ट सिटी के तहत
सदन की पहली बैठक में शहर के 5 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। इस काम के लिए 500 करोड़ रुपये की जरूरत है इसलिए इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी में करने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव के अनुसार प्लांट के अपग्रेड करने से जो टर्शरी वाटर बनेगा उनमें बीओडी की मात्रा शून्य से 5 के बीच हो जाएगी। जबकि 3 बीओडी के प्लांट में पानी की बीओडी की मात्रा शून्य की जाएगी। इस समय डिग्गियां, रायपुरा कलां, रायपुर खुर्द, 3बीआरडी ओल्ड और न्यू, धनास में ट्रीटमेंट प्लांट हैं। धनास का ट्रीटमेंट प्लांट प्रशासन का है।

बिजली का बिल छह करोड़ हो जाएगा
पहली सदन की बैठक में 48 हजार स्ट्रीट लाइट को भी एलईडी लाइट में बदलने का प्रस्ताव भी पास  कर दिया गया। प्रस्ताव के अनुसार एलईडी लाइटस लगने से 50 से 60 प्रतिशत बिजली की खपत कम होगी। इस समय नगर निगम 12.64 करोड़ रुपये का बिजली का भुगतान कर रहा है। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने बताया कि यह काम भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत होगा और बिजली का बिल भी सलाना आधा हो जाएगा। बिजली का बिल छह करोड़ ही रह जाएगा। कमिश्नर बी पुरूषार्था ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सफलता पूर्वक दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हिप्र, गोवा और यूपी में भी लागू किया जा रहा है।

रिकवरी की जाए
डिप्टी मेयर अनिल दूबे ने मौलीजागरा की थडा मार्केट का काम रूकवाने वाले पार्षदों पर रिकवरी डालने का मामला उठाया। मालूम हो कि पिछले सदन के कार्यकाल में कांग्रेस ने मनोनीत के साथ मिलकर बन रहे थड़ा मार्केट का काम बीच में रूकवा दिया था जिसके लिए आडिट विभाग ने ऐसे पार्षदों पर रिकवरी चार्ज करने की सिफारिश की थी जिनके कारण काम बीच में रूकवा दिया गया।
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