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Chandigarh News: नई सरकार के गठन के बाद से अपने पुराने तेवरों में लौटे अनिल विज
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-विज के निशाने पर अंबाला के प्रशासनिक अधिकारी
-बिजली विभाग के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार के गठन के बाद से ही परिवहन और बिजली मंत्री अनिल विज अपने पुराने तेवरों में आ गए हैं। खासकर वह अंबाला के प्रशासनिक अधिकारियों को खुलकर निशाने पर ले रहे हैं। सोमवार को पंचकूला में लगे तीसरे पुस्तक मेले में विज की गैर हाजिरी भी कई सवाल उठा रही है। क्योंकि कार्यक्रम के आयोजकों में बिजली विभाग भी शामिल था, लेकिन इस कार्यक्रम में केवल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल हुए। प्रोटोकाल के तहत निमंत्रण नहीं देने के चलते विज कुछ बिजली अधिकारियों से नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक विज ने इस संबंध में खुलकर कुछ नहीं कहा है।
अनिल विज अपनी बेबाकी और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। वे प्रोटोकाॅल पसंद करने वाले नेता हैं और अपने विभागों में किसी का दखल पसंद नहीं करते। मनोहर सरकार में पूर्व डीजीपी मनोज यादव, आईपीएस संगीता कालिया, स्वास्थ्य विभाग की पूर्व महानिदेशक डॉ. सोनिया खुल्लर से उनकी तकरार किसी से छिपी नहीं है। मनोहर लाल के स्थान पर नायब सिंह सैनी को मार्च 2023 में जब सीएम बनाया गया तो वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए। इस बार वह सीएम के बाद दूसरे नंबर के मंत्री हैं।
सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में मंत्री अनिल विज की अनुपस्थिति ने सभी को चौंकाया। सूत्रों का दावा है कि विज की अनुपस्थिति के लिए आयोजकों का आमंत्रण प्रोटोकॉल का उल्लंघन जिम्मेदार है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में आमंत्रित करने को लेकर फोन किया गया था, लेकिन विज पहले ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक तय कर चुके थे। चर्चा है कि बिजली विभाग में तैनात कुछ अधिकारी विज के राडार पर आ गए हैं।
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-बिजली विभाग के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार के गठन के बाद से ही परिवहन और बिजली मंत्री अनिल विज अपने पुराने तेवरों में आ गए हैं। खासकर वह अंबाला के प्रशासनिक अधिकारियों को खुलकर निशाने पर ले रहे हैं। सोमवार को पंचकूला में लगे तीसरे पुस्तक मेले में विज की गैर हाजिरी भी कई सवाल उठा रही है। क्योंकि कार्यक्रम के आयोजकों में बिजली विभाग भी शामिल था, लेकिन इस कार्यक्रम में केवल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल हुए। प्रोटोकाल के तहत निमंत्रण नहीं देने के चलते विज कुछ बिजली अधिकारियों से नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक विज ने इस संबंध में खुलकर कुछ नहीं कहा है।
अनिल विज अपनी बेबाकी और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। वे प्रोटोकाॅल पसंद करने वाले नेता हैं और अपने विभागों में किसी का दखल पसंद नहीं करते। मनोहर सरकार में पूर्व डीजीपी मनोज यादव, आईपीएस संगीता कालिया, स्वास्थ्य विभाग की पूर्व महानिदेशक डॉ. सोनिया खुल्लर से उनकी तकरार किसी से छिपी नहीं है। मनोहर लाल के स्थान पर नायब सिंह सैनी को मार्च 2023 में जब सीएम बनाया गया तो वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए। इस बार वह सीएम के बाद दूसरे नंबर के मंत्री हैं।
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सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में मंत्री अनिल विज की अनुपस्थिति ने सभी को चौंकाया। सूत्रों का दावा है कि विज की अनुपस्थिति के लिए आयोजकों का आमंत्रण प्रोटोकॉल का उल्लंघन जिम्मेदार है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में आमंत्रित करने को लेकर फोन किया गया था, लेकिन विज पहले ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक तय कर चुके थे। चर्चा है कि बिजली विभाग में तैनात कुछ अधिकारी विज के राडार पर आ गए हैं।
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