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Chandigarh News: डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में बनेगी एन्वायरनमेंट लैब
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चंडीगढ़। डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कचरे से निकलने वाले दूषित पानी (लीचेट) और कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट से बचने वाले इनर्ट वेस्ट की जांच अब मौके पर ही हो सकेगी। नगर निगम यहां एन्वायरनमेंट लैब स्थापित करने जा रहा है। इस पर 1 करोड़ 41 लाख 68 हजार 338 रुपये खर्च किए जाएंगे। लैब में आधुनिक उपकरणों के साथ सिविल वर्क, इलेक्ट्रिकल कार्य और पोर्टा केबिन की व्यवस्था की जाएगी। इससे नमूनों की जांच के लिए बाहरी लैब पर निर्भरता कम होगी।
पर्यावरण मंजूरी की शर्तों पर अमल
डड्डूमाजरा में इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से सीबीजी प्लांट लगाया जाना है। इसकी पर्यावरण मंजूरी देते समय केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई शर्तें रखी थीं। इनमें आठ एकड़ में पौधरोपण, गांव की दीवार के साथ पौधे लगाना, स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करना और कचरा ढोने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देना शामिल है। पौधों पर धूल जमने की स्थिति में स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव भी करना होगा।
सात हजार पौधे लगाए, बाकी काम बाकी
डंपिंग ग्राउंड में अब तक सात हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। हालांकि, स्प्रिंकलर सिस्टम, स्प्रिंकलर वाहन और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर काम शुरू होना बाकी है। सीबीजी प्लांट अभी स्थापित नहीं हुआ है। प्रस्तावित लैब में लीचेट की जांच से दूषित पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों का पता चलेगा, जबकि इनर्ट वेस्ट की जांच से उसके गुणों और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा। इससे नगर निगम को पर्यावरणीय निगरानी के लिए तकनीकी आधार मिलेगा।
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एन्वायरनमेंट टेस्ट लैब स्थापित करना डंपिंग ग्राउंड में लगने वाले सीबीजी प्लांट की एन्वायरमेंट क्लियरेंस का पार्ट है। - संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
पर्यावरण मंजूरी की शर्तों पर अमल
डड्डूमाजरा में इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से सीबीजी प्लांट लगाया जाना है। इसकी पर्यावरण मंजूरी देते समय केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई शर्तें रखी थीं। इनमें आठ एकड़ में पौधरोपण, गांव की दीवार के साथ पौधे लगाना, स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करना और कचरा ढोने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देना शामिल है। पौधों पर धूल जमने की स्थिति में स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव भी करना होगा।
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सात हजार पौधे लगाए, बाकी काम बाकी
डंपिंग ग्राउंड में अब तक सात हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। हालांकि, स्प्रिंकलर सिस्टम, स्प्रिंकलर वाहन और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर काम शुरू होना बाकी है। सीबीजी प्लांट अभी स्थापित नहीं हुआ है। प्रस्तावित लैब में लीचेट की जांच से दूषित पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों का पता चलेगा, जबकि इनर्ट वेस्ट की जांच से उसके गुणों और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा। इससे नगर निगम को पर्यावरणीय निगरानी के लिए तकनीकी आधार मिलेगा।
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एन्वायरनमेंट टेस्ट लैब स्थापित करना डंपिंग ग्राउंड में लगने वाले सीबीजी प्लांट की एन्वायरमेंट क्लियरेंस का पार्ट है। - संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम