अमृतसर ट्रेन हादसे में चौंकाने वाला खुलासा, अगर इस पर ध्यान दिया जाता तो बच जातीं 59 जानें
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रेल हादसे की जांच कर रही राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की टीम के सामने एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि दशहरा कार्यक्रम से 17 घंटे पहले ही कमिश्नरेट अमृतसर की सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा पुलिस थानों, जीआरपी को ई-मेल भेजकर सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता करने को कहा गया था, लेकिन इस मेल को किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
सूत्रों के मुताबिक जांच में पाया गया कि 18 अक्तूबर की रात 12.53 पर पुलिस कमिश्नर अमृतसर कार्यालय की सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा जीआरपी, कमिश्नरेट के सभी थानों को ई-मेल कर दशहरा पर्व के दौरान पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने के लिए कहा गया था। ई-मेल में अमृतसर में हो रहे अन्य दशहरा पर्व कार्यक्रमों की लोकेशन के साथ-साथ जौड़ा फाटक के पास हो रहे कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया था। जीआरपी सूत्रों का कहना है कि किसी ने इस मेल को गंभीरता से नहीं लिया।
अगर इस ई-मेल पर दिए गए निर्देशों के मुताबिक अधिकारियों ने कार्यक्रम और आसपास के स्थल पर विजिट की होती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। वहीं जांच में सामने आ रहे इन तथ्यों पर कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है। अमृतसर के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच हो रही है।
गौरतलब है कि अमृतसर के जौड़ा फाटक के निकट चल रहे दशहरा पर्व के दौरान ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे लोगों को ट्रेन रौंदती हुई निकल गई थी। इस हादसे में 59 लोग मारे गए थे। हादसे के लिए संबंधित हर विभाग ने जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाली। इसके बाद सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे।