हरियाणा में अमित शाह का बड़ा दांव
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मिशन हरियाणा को पूरा करने निकली भाजपा अमित शाह की जींद रैली में विपक्षी दलों को करारा झटका देकर अपने मंसूबे साफ कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे से दो दिन पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ी संख्या में दूसरे दलों के दिग्गज नेताओं को भाजपा में शामिल कर यह संदेश दिया है कि हरियाणा विधानसभा में दो विधायकों की संख्या वाली भाजपा की हैसियत अब दमदार हो गई है।
रैली में नेताओं ने यह संकेत भी दिए हैं कि यदि हजकां के साथ भाजपा का गठबंधन टूटता है तो भाजपा दूसरे नेताओं के सहारे इस नुकसान की भरपाई पूरी कर लेगी। मिशन हरियाणा पर निकली भाजपा को जींद रैली के बाद कांग्रेस की काट के लिए उन्हीं की पार्टी से एक बड़ा अस्त्र मिल गया है।
कांग्रेस को 40 साल अपनी मेहनत से सींचने वाले बीरेंद्र सिंह को भाजपा अब कांग्रेस के खिलाफ उतारेगी। एक सप्ताह में दूसरे दलों को दो झटके देने के बाद भाजपा ने अपने मंसूबे जाहिर कर दिए हैं।
नुकसान की भरपाई के लिए तैयार भाजपा
हरियाणा में अमित शाह के दौरे के बाद सियासत गर्मा गई है। जो बात जींद की रैली में अमित शाह ने नहीं कही, वह भाजपा के दूसरे नेताओं ने कह दी। मतलब साफ है कि यदि गठबंधन टूटता है तो भाजपा उसकी भरपाई के लिए भी तैयार है। हरियाणा के सह प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने यह कहा है कि हरियाणा से कलह खत्म करने का समय आ गया है।
कलह से उन्होंने मतलब कांग्रेस, लोकदल और हजकां को बताया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की सात सीटों पर भारी जीत और हजकां की सभी दो सीटों पर हार के बाद से ही गठबंधन पर खतरे के बादल मंडराने शुरू हो गए थे। अब गठबंधन को खत्म करने के स्पष्ट संदेश डॉ. अनिल जैन ने दे दिए हैं।
हरियाणा में बने नए समीकरण
कांग्रेस में रहकर मुख्यमंत्री हुड्डा के नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले बीरेंद्र सिंह को शाह ने अपने पाले में लेकर बड़ा दांव खेला है। बीरेंद्र सिंह ने हुड्डा के खिलाफ पहले पार्टी में लड़ाई लड़ी, जब बात नहीं बनी तो विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बना दिए। अब बीरेंद्र सिंह के जनाधार को भाजपा कब, कहां और कैसे इस्तेमाल करेगी, यह तस्वीर कुछ ही दिनों में साफ हो जाएगी। जिस क्षेत्र में शाह ने यह रैली की है। बांगर के इस क्षेत्र में बीरेंद्र सिंह की खासी हैसियत है।
अब भगवा रंग में रंगना होगा बीरेंद्र को
हालांकि 40 साल तक कांग्रेस की विचारधारा में रमने के बाद बीरेंद्र सिंह के लिए भाजपा के भगवा रंग को आत्मसात करना आसान नहीं होगा, लेकिन शाह ने हरियाणा के एक बड़े जाट नेता को अपने साथ जोड़ लिया है। अब बारी भाजपा की है कि वह बीरेंद्र सिंह के कितने समर्थकों को टिकट देने को तैयार होगी।
हालांकि कांग्रेस में भी अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने के लिए बीरेंद्र सिंह ने लंबी लड़ाई लड़ी है। जहां तक सवाल मुख्यमंत्री बनने का है। बीरेंद्र सिंह पहले भी कह चुके हैं कि जब तक वे राजनीति में हैं, तब तक उनका मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं टूटेगा।
कुनबा बढ़ने से बढ़ा हौसला
अमित शाह के दो दिन के दौरे में भाजपा का कुनबा तेजी से बढ़ा है। लोकसभा चुनाव से पहले भी यह कुनबा बढ़ा था। लगातार हो रहे इजाफे से भाजपा अति उत्साहित है। हरियाणा विधानसभा में मौजूदा दो विधायकों वाली भाजपा अब प्रदेश में 90 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुख्यमंत्री की सीट पर नजरें गड़ाए है।