टोल की टीस-4: सफर पर भारी फीस की मार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में टोल टैक्स लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। हालत यह है कि एक सफर के दौरान कई-कई टोल प्लाजा पर वाहन चालकों की जेब ढीली की जाती है। भारी-भरकम टोल फीस लोगों पर भारी पड़ रही है।
अमृतसर और वाघा बॉर्डर पंजाब के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल हैं। लोग दूरदराज से दरबार साहिब मत्था टेकने आते हैं। वहीं, वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी देखना भी उनकी प्राथमिकता होती है। पर रोजाना आने वाले हजारों सैलानियों को पंजाब में भारी टोल फीस अदा करनी पड़ रही है।
अगर कोई व्यक्ति कार से अंबाला के रास्ते पंजाब में दाखिल होकर लुधियाना होते हुए वाघा बॉर्डर जाता है तो उसे पांच टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। 278 किलोमीटर के इस सफर में उसे 307 रुपये तो टोल फीस अदा करनी पड़ती है।
278 किलोमीटर के सफर में 307 रुपये टोल
अंबाला से चलने के बाद सबसे पहले शंभू-राजपुरा सेक्शन पर शंभू टोल प्लाजा है। जहां कार की एक तरफ की टोल फीस 63 रुपये है। इसके बाद लुधियाना तक कोई टोल प्लाजा नहीं है।
पर लुधियाना-जालंधर सेक्शन पर सतलुज पुल के पास लाडोवाल में दूसरा टोल प्लाजा पड़ता है। जहां कार की एक तरफ की टोल फीस 110 रुपये है। फिर जालंधर तक कोई टोल प्लाजा नहीं है। जालंधर-अमृतसर सेक्शन पर दो टोल प्लाजा पड़ते हैं।
ढिलवां और निझरपुरा में कार की टोल फीस 23-23 रुपये है। फिर अमृतसर से वाघा बॉर्डर जाते समय वाघा से ठीक पहले एक बार फिर लोगों की जेब पर डाका पड़ता है। यहां छिद्दां स्थित टोल प्लाजा पर कार की एक तरफ की फीस 35 रुपये है।
कॉमर्शियल वाहन चालकों की जेब पर भारी बोझ
एलसीवी और बस की टोल फीस तो और भी ज्यादा है। जबकि, कॉमर्शियल वाहनों की जेब पर तो भारी बोझ पड़ता है।
अंबाला टु वाघा
टोल प्लाजा --- कार -- एलसीवी -- बस
शंभू -------- 63 -- 110 ------ 221
लाडोवाल ---- 110 -- 192 ----- 385
ढिलवां ------ 23 --- 41 ------ 82
निझरपुरा ----- 23 --- 41 ------ 82
छिद्दां ------ 35 --- 55 ------ 120