'अमरिंदर के एजेंडे ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो की निकाली हवा'
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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के लिए राजी कर अपने जाल में फंसा लिया है।
असलियत यह है कि चुनावी घोषणा पत्र के प्रमुख एजेंडे को अमरिंदर सिंह पहले ही नौ सूत्रीय एजेंडे के जरिए जारी कर चुके हैं। यह टिप्पणी शिरोमणि अकाली दल के महासचिव और पार्टी की मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन सुखदेव सिंह ढींढसा ने की है।
उन्होंने कहा कि पार्टी मैनिफेस्टो की अपनी एक मर्यादा होती है। इसकी घोषणा पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं को ही करनी चाहिए। लेकिन अमरिंदर ने सभी वादों का सेहरा अपने सिर लेने के लिए पार्टी के नियमों को ताक पर रखकर नौ सूत्रीय एजेंडे का ऐलान कर दिया।
इससे कांग्रेस के मैनिफेस्टो की गोपनीयता स्वाहा हो गई। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र कौर भट्ठल और पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने तैयार किया है।
'मनमोहन सिंह का अपमान क्यों किया जा रहा है?'
ढींढसा ने कहा कि पार्टी का एजेंडा आम आदमी तक पहुंच जाने के बाद ऐसे मैनिफेस्टो को किसी बड़े कांग्रेसी नेता से जारी करवाने की अहमियत खत्म हो गई है।
अमरिंदर अगर अपने नौ सूत्रीय एजेंडे का ऐलान पहले ही कर चुके हैं तो पूर्व प्रधानमंत्री स्तर के नेता मनमोहन सिंह का अपमान क्यों किया जा रहा है। अगर यह नौ सूत्रीय एजेंडा चुनावी घोषणा पत्र से अलग है तो चुनावी घोषणा पत्र की मर्यादा क्या रह जाएगी।
कुल मिलाकर अमरिंदर ने भट्ठल और मनप्रीत के अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ कर दोनों की किरकिरी कर दी है। ढींढसा ने कहा कि अमरिंदर की पार्टी प्रोग्राम घोषित करने की जल्दबाजी ने एजेंडे को उस जगह पहुंचा दिया है जहां पार्टी के हाथ में इसकी दो प्रतियां हैं। पहला नौ सूत्रीय एजेंडा और दूसरा पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र।