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अमर उजाला वेबिनार में बोलीं महिलाएं- स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा फंडा, स्वयं पर रखें विश्वास
Sat, 20 Jun 2020 12:23 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 20 Jun 2020 12:23 PM IST
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अमर उजाला वेबिनार
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में मानसिक दबाव बढ़ने से महिलाओं के सामने स्वयं को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती थी। एक तरफ घरेलू हिंसा और दूसरी तरफ नौकरी बचाने का दबाव उन्हें अंदर ही अंदर घुटन पैदा कर रहा था। यह बातें शुक्रवार को अमर उजाला अपराजिता बैनर के तले वेबिनार के दौरान शहर की प्रमुख महिलाओं ने कही। सभी ने कहा कि स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा फंडा है.. खुश रहें और स्वयं पर विश्वास रखें।
संवाद में महिला डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, काउंसलर और अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। संवाद के दौरान सभी ने कहा कि महिलाओं को खानपान में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अपने शौक को दबाकर नहीं, बल्कि दिल खोलकर पूरा करना चाहिए। यही वह मौके होते हैं जब आप सबसे ज्यादा खुश होते हैं। स्वयं पर विश्वास होगा तो परिवार और नौकरी के साथ तालमेल बनाकर बेहतर काम किया जा सकता है। क्योंकि महिला स्वस्थ तो परिवार स्वस्थ।
खुद का ध्यान रखें.. वरना बिगड़ सकता है स्वास्थ्य
महिलाओं को सबसे पहले अपने प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। वह स्वयं के लिए जागरूक होंगी, तभी वह खुद के लिए समय निकाल पाएंगी। समय निकालने पर ही वह खुद स्वस्थ रहेंगी और साथ ही अपने परिवार को स्वस्थ रख सकेंगी। एक परिवार में महिला का अहम रोल होता है। कभी-कभी परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए महिलाएं स्वयं का ध्यान रखना भूल जाती हैं। इस स्थिति में उनका स्वास्थ्य बिगड़ता जाता है। स्वयं के लिए समय निकालेंगे तो मानसिक तनाव जैसी समस्या से बच सकेंगी।
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- डॉ. ममता सिंगला, कैंसर रोग विशेषज्ञ
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संवाद में महिला डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, काउंसलर और अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। संवाद के दौरान सभी ने कहा कि महिलाओं को खानपान में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अपने शौक को दबाकर नहीं, बल्कि दिल खोलकर पूरा करना चाहिए। यही वह मौके होते हैं जब आप सबसे ज्यादा खुश होते हैं। स्वयं पर विश्वास होगा तो परिवार और नौकरी के साथ तालमेल बनाकर बेहतर काम किया जा सकता है। क्योंकि महिला स्वस्थ तो परिवार स्वस्थ।
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खुद का ध्यान रखें.. वरना बिगड़ सकता है स्वास्थ्य
महिलाओं को सबसे पहले अपने प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। वह स्वयं के लिए जागरूक होंगी, तभी वह खुद के लिए समय निकाल पाएंगी। समय निकालने पर ही वह खुद स्वस्थ रहेंगी और साथ ही अपने परिवार को स्वस्थ रख सकेंगी। एक परिवार में महिला का अहम रोल होता है। कभी-कभी परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए महिलाएं स्वयं का ध्यान रखना भूल जाती हैं। इस स्थिति में उनका स्वास्थ्य बिगड़ता जाता है। स्वयं के लिए समय निकालेंगे तो मानसिक तनाव जैसी समस्या से बच सकेंगी।
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- डॉ. ममता सिंगला, कैंसर रोग विशेषज्ञ
महिलाओं को अपनी कम.. परिवार की चिंता ज्यादा
लॉकडाउन में महिलाओं को रसोई से बाहर निकलने की फुर्सत ही नहीं मिली। इसलिए वह खुद के स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती रहीं। महिलाओं को आयुर्वेद को अपनाना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान बच्चे, पति घर पर थे तो परिवार को एक साथ रहने का ज्यादा से ज्यादा समय मिला। ऐसे में रसोई की जिम्मेदारी थोड़ी बढ़ गई। काउंसलिंग के दौरान देखा गया कि बच्चे और महिलाएं ज्यादा मानसिक तनाव में आ रहे हैं। महिलाएं शुरू से ही सुपर वुमन की भूमिका अदा कर रही हैं। ऐसे में उन्हें अपने से ज्यादा परिवार के स्वास्थ्य की चिंता रहती है।
- शिप्रा बंसल, मनोनीत पार्षद
अविवाहित महिलाओं के साथ भी होती है घरेलू हिंसा
जब घरेलू हिंसा का नाम आता है तो विवाहित महिलाएं दिमाग में आती हैं। घरेलू हिंसा केवल शादीशुदा महिलाएं से ही नहीं, बल्कि अविवाहित महिलाओं के साथ भी होती है। लॉकडाउन के दौरान हमने एक मित्र कार्यक्रम के दौरान एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया। इस पर घरेलू हिंसा से संबंधित काफी फोन आए। महिलाओं के तनाव का कारण उनकी नौकरी जाना भी है। ऐसे में जरूरत है कि परिवार का सहयोग महिलाओं को जरूर मिले ताकि एक दोस्त के रूप में वह अपनी मन की बात परिजनों से कर सकें।
- सगीना, वकील
- शिप्रा बंसल, मनोनीत पार्षद
अविवाहित महिलाओं के साथ भी होती है घरेलू हिंसा
जब घरेलू हिंसा का नाम आता है तो विवाहित महिलाएं दिमाग में आती हैं। घरेलू हिंसा केवल शादीशुदा महिलाएं से ही नहीं, बल्कि अविवाहित महिलाओं के साथ भी होती है। लॉकडाउन के दौरान हमने एक मित्र कार्यक्रम के दौरान एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया। इस पर घरेलू हिंसा से संबंधित काफी फोन आए। महिलाओं के तनाव का कारण उनकी नौकरी जाना भी है। ऐसे में जरूरत है कि परिवार का सहयोग महिलाओं को जरूर मिले ताकि एक दोस्त के रूप में वह अपनी मन की बात परिजनों से कर सकें।
- सगीना, वकील
महिलाएं कोरोना से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
दिनभर में महिलाएं सिर्फ अपने लिए एक घंटा निकाल लें। इसमें योगा और मेडिटेशन कर लें। कई बार महिलाएं सोचती हैं कि योगा कर लेंगे तो थक जाएंगे, फिर घर का काम कैसे होगा। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि योग और मेडिटेशन कार्य क्षमता को बढ़ाता है। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। इसके लिए हरी सब्जियों का सेवन करना और चाय में आयुर्वेदिक चीजें जैसे तुलसी, लौंग, दालचीनी का प्रयोग कर सकती हैं। एक स्वस्थ महिला पूरे परिवार को आसानी से संभाल सकती है।
- डॉ. सुरभि भानौत
शुरु से महिलाओं को सिखाया जाता है कि पूरे परिवार के खाने के बाद ही उसे भोजन करना चाहिए। लॉकडाउन में जब परिवार घर में एक साथ था तो अनुमान लगाया जा रहा था कि परिवार का सहयोग मिलेगा, ज्यादा समय साथ बीतेगा तो रिश्तों में मधुरता आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लॉकडाउन में मानसिक प्रताडऩा के केस बढ़े। कई महिलाओं को आठ-आठ घंटे तक काउंसलिंग करना पड़ा। परिवार के सदस्यों के साथ सीनियर्स को भी महिला को समझाना होगा। तभी एक महिला अपने को स्वस्थ रख सकेगी।
- गीतांजली वाधवा, महिला वकील
- डॉ. सुरभि भानौत
शुरु से महिलाओं को सिखाया जाता है कि पूरे परिवार के खाने के बाद ही उसे भोजन करना चाहिए। लॉकडाउन में जब परिवार घर में एक साथ था तो अनुमान लगाया जा रहा था कि परिवार का सहयोग मिलेगा, ज्यादा समय साथ बीतेगा तो रिश्तों में मधुरता आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लॉकडाउन में मानसिक प्रताडऩा के केस बढ़े। कई महिलाओं को आठ-आठ घंटे तक काउंसलिंग करना पड़ा। परिवार के सदस्यों के साथ सीनियर्स को भी महिला को समझाना होगा। तभी एक महिला अपने को स्वस्थ रख सकेगी।
- गीतांजली वाधवा, महिला वकील
इन बातों को रखें ध्यान, रहेंगी हमेशा स्वस्थ
1. विटामिन डी वाले पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
2. कैल्शियम से भरपूर जैसे दूध से बने पदार्थ का सेवन करें।
3. खाने में हर्बल चीजों के साथ हरी सब्जी का सेवन जरूर करें।
4. आंवला, हल्दी, तुलसी का लगातार सेवन करें।
5. तले हुए पदार्थों का सेवन कम से कम करें या न करें।
6. मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।
7. योग व वॉक जरूर करें।
8. खुलकर हंसे ताकि नकारात्मकता दूर भागे।
2. कैल्शियम से भरपूर जैसे दूध से बने पदार्थ का सेवन करें।
3. खाने में हर्बल चीजों के साथ हरी सब्जी का सेवन जरूर करें।
4. आंवला, हल्दी, तुलसी का लगातार सेवन करें।
5. तले हुए पदार्थों का सेवन कम से कम करें या न करें।
6. मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।
7. योग व वॉक जरूर करें।
8. खुलकर हंसे ताकि नकारात्मकता दूर भागे।